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हाईकोर्ट का आदेश: बिना सुनवाई नहीं बढ़ेगी जमानत व पैरोल की मियाद, जजों को विवेक के अनुरूप निर्णय लेने की छूट
Wed, 29 Sep 2021 09:09 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 29 Sep 2021 09:09 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि कोरोना काल की परिस्थितियों को देखते हुए पैरोल और जमानत जारी रखने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जमानत पर बाहर आए आरोपियों तथा पैरोल पर छूटे कैदियों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने अब स्पष्ट किया है कि बिना सुनवाई के जमानत व पैरोल की मियाद नहीं बढ़ेगी। न्यायालय अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए अब परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेंगे।
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मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि वर्तमान की परिस्थितियों को देखते हुए 28 अप्रैल 2021 के आदेश में संशोधन जरूरी है। कोरोना काल की परिस्थितियों को देखते हुए आदेश दिया था कि जिन मामलों में पैरोल मिल चुकी है और जमानत मिल चुकी है उसे हाईकोर्ट के अगले आदेश तक जारी रखा जाए। हाईकोर्ट ने अपने आदेश को कई बार बढ़ाया, लेकिन अब समय और परिस्थितियां बदल गई हैं। ऐसे में बिना सुनवाई के आदेश को जारी रखना अनिवार्य नहीं है। न्यायालय अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए आवश्यकता अनुरूप निर्णय लें।
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रिहायशी इमारतों को छोड़ दूसरी संपत्तियों की नीलामी पर रोक नहीं
संपत्तियों की नीलामी को लेकर हाईकोर्ट ने अपने आदेश को स्पष्ट करते हुए कहा कि केवल रिहायशी इमारतों की नीलामी पर रोक रहेगी। अन्य किसी भी प्रकार की संपत्ति की नीलामी पर कोई रोक नहीं है। साथ ही जिन मामलों में रिहायशी संपत्ति पर बैंक कब्जा ले चुके हैं और संपत्ति को मालिकों ने बैंकों के सुपुर्द कर दिया है उन मामलों में भी संपत्ति को बैंक नीलाम कर सकेगा।
यह था मामला
कोरोना के चलते बने गंभीर हालात को देखते हुए हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए बैंकों और वित्तीय संस्थानों को आदेश दिया था कि वे संपत्तियों की नीलामी न करें। साथ ही छोटे-छोटे अपराध की स्थिति में गिरफ्तारी न की जाए। जिन लोगों को अदालत से जमानत और पैरोल मिल चुकी थी उनकी पैरोल और जमानत को आगे बढ़ाने का आदेश दिया था।