{"_id":"59c410b74f1c1b28688b5c9e","slug":"punjab-and-haryana-highcourt-on-mohali-rain","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"15 साल पहले हाईकोर्ट के आदेश माने होते तो नहीं डूबता मोहाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 साल पहले हाईकोर्ट के आदेश माने होते तो नहीं डूबता मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 22 Sep 2017 09:14 AM IST
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Mohali rain
- फोटो : File Photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 2002 में दिए गए आदेशों का पालन नहीं किया गया, इसी वजह से 15 साल बाद मोहाली पानी में डूब गया। दो घंटे की बरसात ने शहर को डुबा दिया। अब उन आदेशों का पालन न होने को लेकर अवमानना याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार, मोहाली नगर निगम, पुडा और गमाडा सहित अन्य सभी प्रतिवादी पक्षों को अवमानना का नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
बता दें कि वर्ष 2002 में स्थानीय निवासी तजिंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि फेज 5 में बारिश के समय बड़े पैमाने पर पानी भर जाता है। इसके चलते स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कई बार बारिश का पानी सीवर के पानी के साथ लोगों के घरों में भर जाता है। हाईकोर्ट को बताया गया था कि यह फेज एक बरसाती नाले के रास्ते में बनाया गया था। इसका कारण यह है कि यह जमीनी स्तर पर अन्य इलाके से लगभग 25 फ़ीट गहराई पर है। जिसके चलते बरसात के समय पास के अन्य सभी इलाकों का पानी यहां पहुंच जाता है।
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बता दें कि वर्ष 2002 में स्थानीय निवासी तजिंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि फेज 5 में बारिश के समय बड़े पैमाने पर पानी भर जाता है। इसके चलते स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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कई बार बारिश का पानी सीवर के पानी के साथ लोगों के घरों में भर जाता है। हाईकोर्ट को बताया गया था कि यह फेज एक बरसाती नाले के रास्ते में बनाया गया था। इसका कारण यह है कि यह जमीनी स्तर पर अन्य इलाके से लगभग 25 फ़ीट गहराई पर है। जिसके चलते बरसात के समय पास के अन्य सभी इलाकों का पानी यहां पहुंच जाता है।
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- फोटो : DEMO Pic
पहले भी दायर की गई थी अवमानना याचिका, फिर भी कार्रवाई नहीं
इसके बाद हाईकोर्ट ने दिसंबर 2002 में स्थानीय प्रशासन को तत्काल इसका हल निकालने का आदेश दिया था। लेकिन आदेशों पर कोई कार्रवाई न करने पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी गई थी।
इसके बाद सरकार ने आश्वासन दिया था कि, जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन पर हाई कोर्ट ने तीन महीने में कार्रवाई का आदेश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया था। लेकिन हाईकोर्ट के इन आदेशों पर भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पिछले दिनों बारिश में डूब गया था पूरा इलाका
अभी हाल में दो घंटे की तेज बारिश से एक बार फिर यह सारा इलाका पानी में डूब गया था। वाहनों सहित घर का सारा सामान इस पानी में में डूब गया था। हालत यह थी कि स्थानीय निवासी पूरे एक दिन घर में खाना तक नहीं पका सके थे। अब एक बार फिर हाई कोर्ट में इस मामले में याचिका दायर कर कार्रवाई की मांग की गई है।
इसके बाद हाईकोर्ट ने दिसंबर 2002 में स्थानीय प्रशासन को तत्काल इसका हल निकालने का आदेश दिया था। लेकिन आदेशों पर कोई कार्रवाई न करने पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी गई थी।
इसके बाद सरकार ने आश्वासन दिया था कि, जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन पर हाई कोर्ट ने तीन महीने में कार्रवाई का आदेश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया था। लेकिन हाईकोर्ट के इन आदेशों पर भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पिछले दिनों बारिश में डूब गया था पूरा इलाका
अभी हाल में दो घंटे की तेज बारिश से एक बार फिर यह सारा इलाका पानी में डूब गया था। वाहनों सहित घर का सारा सामान इस पानी में में डूब गया था। हालत यह थी कि स्थानीय निवासी पूरे एक दिन घर में खाना तक नहीं पका सके थे। अब एक बार फिर हाई कोर्ट में इस मामले में याचिका दायर कर कार्रवाई की मांग की गई है।