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गन कल्चर पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा- क्या सरकार किसी और की मौत का इंतजार कर रही?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 03 Mar 2017 09:30 AM IST
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Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
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शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों में गन कल्चर और अश्लील गीतों के बढ़ते चलन पर लगाम की अपील वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मामले में जवाब न देने पर अदालत ने पूछा कि क्या सरकार किसी और की जान जाने का इंतजार कर रही है।
मामले में 23 दिसंबर को नोटिस जारी होने के बावजूद सरकार ने जवाब दाखिल नहीं किया था। अदालत ने कहा कि सरकार का रुख यह दर्शाता है कि वह कोर्ट के आदेशों के प्रति गंभीर नहीं है। हालांकि पंजाब सरकार की ओर से जवाब के लिए समय दिए जाने की अपील को मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई नौ मार्च तक टाल दी।
जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस दर्शन सिंह की खंडपीठ के समक्ष वीरवार को हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि शादियों और पार्टियों में गन कल्चर व अश्लील गानों पर रोक लगाने के लिए क्या कोई ठोस नीति है। इस पर पंजाब सरकार ने कहा कि इस बारे में अभी विभाग से जवाब नहीं आया है। कोर्ट ने कहा कि गंभीर मुद्दे पर इस तरह का गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाना समझ से परे है।
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मामले में 23 दिसंबर को नोटिस जारी होने के बावजूद सरकार ने जवाब दाखिल नहीं किया था। अदालत ने कहा कि सरकार का रुख यह दर्शाता है कि वह कोर्ट के आदेशों के प्रति गंभीर नहीं है। हालांकि पंजाब सरकार की ओर से जवाब के लिए समय दिए जाने की अपील को मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई नौ मार्च तक टाल दी।
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जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस दर्शन सिंह की खंडपीठ के समक्ष वीरवार को हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि शादियों और पार्टियों में गन कल्चर व अश्लील गानों पर रोक लगाने के लिए क्या कोई ठोस नीति है। इस पर पंजाब सरकार ने कहा कि इस बारे में अभी विभाग से जवाब नहीं आया है। कोर्ट ने कहा कि गंभीर मुद्दे पर इस तरह का गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाना समझ से परे है।
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संतों और पीरों की धरती पर बढ़ रहा दिखावे का चलन
शादी में स्टेज पर फायरिंग और डांसर की मौत
- फोटो : File Photo
किया मौड़मंडी की घटना का जिक्र
कोर्ट ने पूछा कि मौड़मंडी में शादी समारोह के दौरान एक युवती की गोली लगने से हुई मौत पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है। साथ ही यह भी बताया जाए कि उस लड़की का क्या हुआ। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि शादियों, पार्टियों, मंदिरों, गुरुद्वारों और जगरातों में देर रात तक लाउड स्पीकर चल रहे हैं। बच्चों की परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। सरकार केपास इसके लिए क्या कोई ठोस नीति नहीं है।
संतों और पीरों की धरती पर बढ़ रहा दिखावे का चलन
चंडीगढ़ के प्रोफेसर पंडितराज धारेंनावर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर बताया था कि संतों और पीरों की धरती के रूप में प्रसिद्ध पंजाब में शांति व सादगी से रहने का संदेश दिया जाता रहा है। इसी धरती पर आजकल दिखावा और अपनी शान के लिए लोग हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इतना ही नहीं यहां महिलाओं को एक उत्पाद की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्हें अश्लील गानों पर नचाने का प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है।
हाल ही में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें कई लोग गन कल्चर का शिकार होकर अपनी जान से हाथ धो बैठे। याची ने हाल ही में मौड़मंडी में एक गर्भवती डांसर की मौत का हवाला भी दिया। याची ने कहा कि इस तरह के गानों और कार्यक्रमों से हमारा कल्चर और यूथ बर्बाद हो रहा है। नारी को भोग और मनोरंजन की वस्तु की तरह प्रस्तुत किया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की ओर से प्रभावी पहल होनी चाहिए।
कोर्ट ने पूछा कि मौड़मंडी में शादी समारोह के दौरान एक युवती की गोली लगने से हुई मौत पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है। साथ ही यह भी बताया जाए कि उस लड़की का क्या हुआ। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि शादियों, पार्टियों, मंदिरों, गुरुद्वारों और जगरातों में देर रात तक लाउड स्पीकर चल रहे हैं। बच्चों की परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। सरकार केपास इसके लिए क्या कोई ठोस नीति नहीं है।
संतों और पीरों की धरती पर बढ़ रहा दिखावे का चलन
चंडीगढ़ के प्रोफेसर पंडितराज धारेंनावर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर बताया था कि संतों और पीरों की धरती के रूप में प्रसिद्ध पंजाब में शांति व सादगी से रहने का संदेश दिया जाता रहा है। इसी धरती पर आजकल दिखावा और अपनी शान के लिए लोग हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इतना ही नहीं यहां महिलाओं को एक उत्पाद की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्हें अश्लील गानों पर नचाने का प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है।
हाल ही में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें कई लोग गन कल्चर का शिकार होकर अपनी जान से हाथ धो बैठे। याची ने हाल ही में मौड़मंडी में एक गर्भवती डांसर की मौत का हवाला भी दिया। याची ने कहा कि इस तरह के गानों और कार्यक्रमों से हमारा कल्चर और यूथ बर्बाद हो रहा है। नारी को भोग और मनोरंजन की वस्तु की तरह प्रस्तुत किया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की ओर से प्रभावी पहल होनी चाहिए।