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जेलों में हुई मौतों के मामले में हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, 3 राज्यों को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 22 Sep 2017 09:14 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जेल सुधार के संबंध में स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में वरिष्ठ वकील रीटा कोहली को एमिकस क्यूरी भी नियुक्त किया है।
पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने जेल सुधारों के बारे में विस्तार से दिशा निर्देश जारी किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सभी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से आग्रह किया जाता है कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के तहत जिन भी कैदियों की 2012 के बाद अप्राकृतिक मौत हुई है, उनके परिजनों की पहचान सुनिश्चित कर उनको उचित मुआवजा दिलाया जाए। राज्य सरकारों से कहा गया है कि पहली बार अपराध करने वाले कैदियों के लिए काउंसलर नियुक्त करें ताकि उनकी काउंसलिंग हो सके। साथ ही कैदियों की मेडिकल सुविधा को लेकर सर्वे कराया जाए। कैदियों लिए तमाम सुधार वाले कदम उठाने को कहा गया है।
1382 जेलों में बंद कैदियों की अमानवीय स्थिति
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर बताया गया था कि 1382 जेलों में बंद कैदियों की अमानवीय स्थित है और ऐसे में जेल सुधार के लिए निर्देश जारी किया जाना चाहिए। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान के चलते अब जेलों में सजा काट रहे कैदियों की स्थिति सुधरने की आशा दिखाई दी है। साथ ही अस्वाभाविक मौत मरने वाले लोगों के परिजनों की जिंदगी भी मुआवजे के चलते पटरी पर आएगी।
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पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने जेल सुधारों के बारे में विस्तार से दिशा निर्देश जारी किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सभी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से आग्रह किया जाता है कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के तहत जिन भी कैदियों की 2012 के बाद अप्राकृतिक मौत हुई है, उनके परिजनों की पहचान सुनिश्चित कर उनको उचित मुआवजा दिलाया जाए। राज्य सरकारों से कहा गया है कि पहली बार अपराध करने वाले कैदियों के लिए काउंसलर नियुक्त करें ताकि उनकी काउंसलिंग हो सके। साथ ही कैदियों की मेडिकल सुविधा को लेकर सर्वे कराया जाए। कैदियों लिए तमाम सुधार वाले कदम उठाने को कहा गया है।
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1382 जेलों में बंद कैदियों की अमानवीय स्थिति
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर बताया गया था कि 1382 जेलों में बंद कैदियों की अमानवीय स्थित है और ऐसे में जेल सुधार के लिए निर्देश जारी किया जाना चाहिए। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान के चलते अब जेलों में सजा काट रहे कैदियों की स्थिति सुधरने की आशा दिखाई दी है। साथ ही अस्वाभाविक मौत मरने वाले लोगों के परिजनों की जिंदगी भी मुआवजे के चलते पटरी पर आएगी।
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