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Chandigarh News: हाईकोर्ट ने कहा- भाट ब्राह्मण अन्य पिछड़ा वर्ग का हिस्सा, केंद्र की पुनर्विचार याचिका खारिज

Mon, 04 Dec 2023 10:44 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 04 Dec 2023 10:44 PM IST
सार

याची पक्ष की ओर से 10 सितंबर, 1993 की केंद्र सरकार की नोटिफिकेशन दी गई जिसकी सूची में 10वें स्थान पर हिमाचल प्रदेश में भाट ब्राह्मण ओबीसी वर्ग में हैं। इसको आधार बनाकर गत वर्ष हाईकोर्ट ने सरकार की अपील को खारिज करते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।

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Punjab and Haryana High Court said Bhat Brahmins are part of Other Backward Classes
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि भाट ब्राह्मण अन्य पिछड़ा वर्ग में आते हैं और याचिकाकर्ता सेना में क्लर्क के तौर पर नियुक्ति के लिए पात्र है। याचिका दाखिल करते हुए सिरमौर निवासी सीता ने एडवोकेट वर्लिन गर्ग के माध्यम से बताया कि वायुसेना ने लोअर डिविजन क्लर्क की भर्ती निकाली थी और याची प्रतीक्षा सूची में एक नंबर पर थी। इस दौरान रविंदर नामक व्यक्ति जो जाट था उसे भर्ती से बाहर कर दिया गया और ओबीसी वर्ग में एक सीट रिक्त हो गई। 

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याची ने इस पर दावा किया लेकिन उसका दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि भाट ब्राह्मण ओबीसी श्रेणी में नहीं आते हैं। इसके खिलाफ याची ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) में याचिका दाखिल की और ट्रिब्यूनल ने याची के हक में फैसला सुनाते हुए नियुक्ति का आदेश दिया था।
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इसके खिलाफ भारत सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। याची पक्ष की ओर से 10 सितंबर, 1993 की केंद्र सरकार की नोटिफिकेशन दी गई जिसकी सूची में 10वें स्थान पर हिमाचल प्रदेश में भाट ब्राह्मण ओबीसी वर्ग में हैं। इसको आधार बनाकर गत वर्ष हाईकोर्ट ने सरकार की अपील को खारिज करते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था और यह राशि याचिकाकर्ता को मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया था। इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए केंद्र सरकार ने फिर से याचिका दाखिल की थी। इस पुनर्विचार याचिका को दायर करने में 301 दिन की देरी हुई थी। हाईकोर्ट ने इस देरी को माफ करने से इन्कार करते हुए पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया।

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