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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा: जहरीली शराब बेचने वालों को रिहा किया तो समाज विधवाओं और अनाथों से भर जाएगा

Thu, 08 Jul 2021 06:53 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 08 Jul 2021 06:53 PM IST
सार

2020 में पंजाब के तरनतारन समेत कई जिलों में जहरीली शराब से सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। वहीं कई लोगों को आंखों की रोशनी भी खोनी पड़ी। तरनतारन निवासी अवनाश ने हाईकोर्ट नें जमानत याचिका दाखिल की। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि पैसा कमाने की इच्छा से जहरीली शराब बेचकर लोगों का जीवन छीनने वाले रहम के हकदार नहीं और जमानत याचिका खारिज कर दी।

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Punjab and Haryana High court rejects bail plea of accused in poisonous liquor case
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

जहरीली शराब बेचने के मामले में आरोपी द्वारा दाखिल जमानत याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को रिहा किया गया तो समाज अनाथों और विधवाओं से भर जाएगा। हाईकोर्ट ने कहा कि कुछ पैसों के लिए लोगों का जीवन छीनने वाले किसी भी प्रकार से रहम के हकदार नहीं हैं।

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याचिका दाखिल करते हुए तरनतारन निवासी अवनाश सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि 22 अगस्त, 2020 को जहरीली शराब के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें याची का नाम भी नहीं था फिर भी उसे गिरफ्तार कर लिया गया और पिछले 10 माह से वह जेल में है। मामले से कोई लेना-देना न होने की बात कहते हुए जमानत की मांग की। 
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पंजाब सरकार ने कहा कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं कि याची तस्करी में लिप्त था और याची पर 31 जुलाई, 2020 को पहले ही एक मामला दर्ज है जो जहरीली शराब की तस्करी का है। उस मामले में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी और कुछ की आंखें भी चलीं गईं। 
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हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता पर समाज के खिलाफ जघन्य अपराध का आरोप है। जहरीली शराब को समाज के वंचित वर्ग को बेचने के लिए तैयार किया जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में इसके चलते हुई त्रासदियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि इस तरह के व्यक्तियों को जमानत पर रिहा किया गया तो वे समाज की व्यवस्था को और खराब कर देंगे और समाज विधवा महिलाओं और अनाथ बच्चों से भर जाएगा।

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