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विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को झटका: एफआईआर का आदेश रद्द करने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का इनकार
Sat, 24 Jul 2021 09:42 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 24 Jul 2021 09:42 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि संज्ञेय अपराध की शिकायत के मामले की जांच बेहद जरूरी है। लुधियाना ट्रायल कोर्ट ने सात जुलाई को दुष्कर्म मामले में बैंस पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
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विधायक सिमरजीत सिंह बैंस
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष और लुधियाना से विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को बड़ा झटका देते हुए लुधियाना की ट्रायल कोर्ट के उस फैसले पर मुहर लगा दी है जिसमें बैंस पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया था। याचिका दाखिल करते हुए बैंस ने बताया था कि पीड़िता ने उनके और उनके साथियों के खिलाफ याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर का निर्देश जारी करते हुए स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था।
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याची ने बताया था कि महिला बीते कई माह से उन पर दुष्कर्म के आरोप लगा रही है। आरोप यह है कि एक संपत्ति विवाद के चलते वह याची से मिली थी। याची ने अपने दफ्तर में बने एक कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद उस महिला ने 16 नवंबर 2020 को पुलिस कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों को इसके खिलाफ लिखित शिकायत दी थी और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
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हर स्तर पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का महिला ने आरोप लगाया था। निचली अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीड़िता की याचिका को मंजूर करते हुए लुधियाना पुलिस को याची और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया था। याची ने आरोपों को सिरे से नकारते हुए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बैंस की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ दी गई शिकायत एक संज्ञेय अपराध की है और ऐसे में इसकी जांच करना बेहद जरूरी है। एडिशनल सीजेएम द्वारा 7 जुलाई को जारी एफआईआर के आदेश में कोई खामी नही है। ऐसे में एफआईआर दर्ज करने के आदेश को खारिज नहीं किया जा सकता।
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