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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूछा, क्यों न लगा दें कंटीन्यूएशन फीस पर रोक
Tue, 22 Oct 2019 09:09 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 22 Oct 2019 09:09 PM IST
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
हरियाणा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों से 2000 रुपये कॉन्टीन्यूएशन फीस की वसूली को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न इस फीस पर रोक लगा दी जाए।
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आइडियल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन फरीदाबाद ने हरियाणा सरकार द्वारा लगाई गई 2000 रुपये प्रति स्कूल फीस को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे गैरकानूनी व असैंवधानिक बताया है।
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याचिकाकर्ता के वकील धीरज जैन ने कहा कि सभी स्कूलों को कई साल से मान्यता प्राप्त है। मान्यता लेते हुए सभी आवश्यक शुल्क जमा करवाए गए थे लेकिन सरकार हर साल 2000 रुपये प्रति वर्ष के निरंतता शुल्क वसूल कर रही है। जैन ने बेंच को बताया कि सरकार का यह फैसला गैरकानूनी व असैंवधानिक है।
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उन्होंने यह दलील भी दी कि भारत के अनुछेद 21-ए के अंतर्गत हर बच्चे को मुफ्त स्कूली शिक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है उन्होंने कहा कि क्योंकि यह जिम्मेदारी सरकार पूरी तरह पूरी नहीं कर पा रही, इसलिये यह काम प्राइवेट स्कूल कर रहे है।
उन्होंने कहा कि इन स्कूलों को प्रोत्साहन देने के बजाय सरकार उल्टा इन स्कूल पर शुल्क लगा रही है। हाईकोर्ट ने जैन की दलील सुनने के बाद सरकार व अन्य सभी प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब देने का आदेश दिया है।