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चंडीगढ़: सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस, 20 साल की लड़की की गई जान

Sun, 30 Aug 2020 06:46 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 30 Aug 2020 06:46 PM IST
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Punjab and Haryana High court issued orders to hand over investigation to responsible officer
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : amar ujala

एक मां ने अपनी लापता बेटी का पता लगाने के लिए फतेहाबाद से लेकर रेवाड़ी पुलिस तक गुहार लगाई लेकिन दोनों जिलों की पुलिस ने सीमा विवाद के कारण मामला एक-दूसरे पर डाल दिया। मजबूरी में मां ने सीएम विंडो पर भी शिकायत की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अंत मे दुखी मां ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सामने गुहार लगाई। 

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न्यायालय के नोटिस के बाद पुलिस ने अदालत में जो जानकारी दी वो चौंकाने वाली थी। फतेहाबाद निवासी महिला कर्मजीत कौर ने 14 जुलाई, 2020 को उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर कहा कि उसकी 20 साल की बेटी लापता है। उसका पता लगाया जाए। उच्च न्यायालय ने जब इस मामले में हरियाणा पुलिस को नोटिस जारी किया तो जानकारी सामने आई कि याचिकाकर्ता की बेटी का मृत शरीर 18 अगस्त, 2019 को हनुमानगढ़ (राजस्थान) में एक नहर से बरामद किया गया था और पुलिस ने 26 जुलाई 2020 को संदिग्ध रविंदर को गिरफ्तार किया है।
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सुनवाई के दौरान महिला के वकील श्रीनाथ ए खेमका ने उच्च न्यायालय को बताया कि महिला 15 अगस्त 2019 से कभी फतेहाबाद तो कभी रेवाड़ी पुलिस के सामने अपनी लापता बेटी का पता लगाने की गुहार लगा रही थी। याचिका के अनुसार, उसकी 20 वर्षीय लड़की ने बारहवीं कक्षा पूरी करने के बाद, भूना ( फतेहाबाद ) से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत तीन महीने का ब्यूटीपार्लर कोर्स किया था। 

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जहां कोर्स के दौरान संदिग्ध रविंदर के संपर्क में आई जो हरियाणा के एक और पीएमकेवीवाई केंद्र में काम कर रहा था। रविंदर संदीप कौर को नौकरी लगवाने के बहाने मार्च 2019 को रेवाड़ी ले गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 14 अगस्त, 2019 को संदीप कौर ने याचिकाकर्ता (मां) को फोन किया और बताया कि वह अगले दिन राखी के लिए घर वापस आ रही थी, इसके बाद, उसका ( बेटी संदीप कौर का) फोन स्विच ऑफ हो गया। 

खेमका ने न्यायालय को बताया कि महिला ने 16 अगस्त को अपनी बेटी की गुमशुदगी और अपहरण की शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन भूना से संपर्क किया लेकिन पुलिस स्टेशन रेवाड़ी का अधिकार क्षेत्र बताते हुए इसे अस्वीकार कर दिया गया। संदीप कौर के लापता होने के बारे में पुलिस स्टेशन रेवाड़ी में एक शिकायत दर्ज की गई थी और जब याचिकाकर्ता ने रविंदर से पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन भूना ( फतेहाबाद ) से संपर्क किया तो इसे अस्वीकार कर दिया गया। 

जब संबंधित पुलिस स्टेशन द्वारा याचिकाकर्ता की शिकायत पर विचार नहीं किया गया तो उसने सितंबर और अक्टूबर में दो बार सीएमओ से संपर्क किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसलिए उसने अब उच्च न्यायालय में याचिका दायर करनी पड़ी। न्यायालय के नोटिस पर एसपी रेवाड़ी और एसपी फतेहाबाद ने अपने जवाब दाखिल किए, जिसमें खुलासा किया गया कि 18 अगस्त 2019 को राजस्थान में नहर से शव बरामद किया गया था। न्यायालय ने पुलिस रवैये पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच जिम्मेदार अधिकारी को देने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई 25 सितंबर, 2020 के लिए स्थगित करते हुए जांच रिपोर्ट तलब करने का आदेश दिया।

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