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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab and Haryana High Court issued directions to stay on arrest of Former DGP Sumedh Saini till Punjab Assembly elections 

पंजाब सरकार को झटका: हाईकोर्ट ने अगले विधानसभा चुनाव तक पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

Sat, 11 Sep 2021 09:03 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 11 Sep 2021 09:03 AM IST
सार

अपने फैसले की शुरुआत हाईकोर्ट ने पंचतंत्र की कहानी से की। हाईकोर्ट ने कहा कि न्याय तक पहुंचने से पहले सभी का पक्ष सुना जाना जरूरी है।   

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Punjab and Haryana High Court issued directions to stay on arrest of Former DGP Sumedh Saini till Punjab Assembly elections 
सुमेध सिंह सैनी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी को राहत देकर पंजाब सरकार को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने सैनी की गिरफ्तारी पर अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव तक रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। पूर्व डीजीपी के खिलाफ चल रहे सभी मामलों की जांच पर रोक और ट्रायल में पेशी की भी छूट दी गई है। 

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कई मामलों में गिरफ्तारी की आशंका झेल रहे सैनी ने याचिका में कहा था कि आगामी चुनाव में लाभ लेने के लिए पंजाब सरकार उन्हें राजनीतिक साजिश में फंसाना चाहती है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पंजाब पुलिस कुछ भी करने के लिए तैयार है। सैनी की दलीलों को मानते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को आदेश दिया कि साल 2022 विधानसभा चुनाव तक पहले से दर्ज या अब किसी नए केस में उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा। चुनाव तक किसी भी मामले में उनके खिलाफ जांच नहीं होगी।
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हालांकि मटौर थाने में दर्ज मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण हाईकोर्ट ने इसे अपने आदेश की परिधि से बाहर रखा है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि याची की इस दलील से इनकार नहीं किया जा सकता कि बार-बार एफआईआर दर्ज करवा कर उनकी गिरफ्तारी के लिए राजनीतिक खेल खेला जा रहा है ताकि इसका चुनाव में लाभ लिया जा सके।
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पंचतंत्र की कहानी के जरिए समझाई स्थिति
अपने फैसले की शुरुआत हाईकोर्ट ने पंचतंत्र की कहानी से की। एक बंदर गांव में घुस आता है और पूरा गांव उसे भगाने की कोशिश करता है। बंदर एक वृक्ष पर चढ़ जाता है और समझ ही नहीं पाता कि सभी उसके पीछे क्यों पड़े हैं? तभी सरपंच आता है और भीड़ से पूछता है कि मामला क्या है? भीड़ से निकल कर एक व्यक्ति खुद को राजा का प्रतिनिधि बताकर कहता है कि बंदर को गांव से बाहर निकालना है। सरपंच पूछता है कि आप सभी एक तरफ हैं तो बंदर की तरफ कौन है? सन्नाटा छा जाने पर सरपंच कहता है कि अब मैं बंदर की तरफ हूं और जब तक बंदर को निकालने का कारण नहीं बताया जाता, तब तक उसे नहीं निकाला जाएगा। हाईकोर्ट ने कहा कि हमारे देश की स्थिति भी कुछ इसी प्रकार की है। न्याय तक पहुंचने से पहले सभी का पक्ष सुना जाना जरूरी है।   

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