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Punjab: पंजाब सरकार को हाईकोर्ट का झटका, कोटकपूरा गोलीकांड में निलंबित आईजी उमरानंगल बहाल
Fri, 02 Feb 2024 11:57 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 02 Feb 2024 11:57 AM IST
सार
आईजी उमरानंगल के खिलाफ कोटकपूरा और बहिबल कलां फायरिंग मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। सस्पेंड किए जाने के आदेशों को उमरानंगल ने पहले कैट में चुनौती दी थी, लेकिन कैट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। अब हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
विस्तार
पंजाब सरकार को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आईजी परमराज सिंह उमरानंगल का निलंबन रद्द कर उन्हें बहाल कर दिया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को याची को तुरंत सेवा में शामिल होने की अनुमति देने का आदेश दिया है। कोटकपूरा गोलीकांड में निलंबित आईजी परमराज उमरानंगल ने याचिका दाखिल करते हुए सेवा नियमों का हवाला देते हुए निलंबन आदेश को चुनौती दी थी। इसके साथ ही सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) के आदेश को भी रद्द करने की मांग की थी, जिसमें कैट ने उनकी निलंबन के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया था।
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शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामले में लंबित जांच की आड़ में किसी अधिकारी को अनिश्चित काल तक निलंबित नहीं रखा जा सकता है। आदेश के अनुसार याची का निलंबन अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के नियम 3 के उप खंड (8) के तहत रद्द किया जाता है। इस नियम के अनुसार निलंबन के आदेश की संबंधित समीक्षा समिति की ओर से निश्चित अंतराल पर समीक्षा की जानी चाहिए।
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निलंबन आदेश के जारी होने की तारीख से 60 दिन की अवधि के भीतर, इसकी समीक्षा जरूरी है ऐसा न करने पर इसे निरस्त मानने का प्रावधान है। पंजाब सरकार ने तर्क दिया कि वर्तमान मामले में अधिकारियों ने पाया कि याची से जुड़ी तीन एफआईआर लंबित हैं और ऐसे में निलंबन अवधि को बढ़ाया गया। हाईकोर्ट ने सरकार की सभी दलीलों को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता के निलंबन आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही उसे सेवा में शामिल होने की अनुमति देने का निर्देश दिया है।
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