हड़ताल पर गए 30 हजार बिजली कर्मी
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अपनी मांगों पर सरकार और मैनेजमेंट के अड़ियल रवैये से गुस्साए पंजाब भर के बिजली मुलाजिम सोमवार रात 12 बजे से एक दिन की हड़ताल पर चले गए। इस समय पावरकॉम और ट्रांसको में करीब 42 हजार मुलाजिम काम कर रहे हैं, जिनमें से 70 फीसदी यानी करीब 30 हजार मुलाजिमों के हड़ताल पर जाने की संभावना जताई जा रही है।
पीएसईबी इंप्लाइज फेडरेशन एटक के कर्मचारी नेता जगदीश शर्मा, पीएसईबी इंप्लाइज ज्वाइंट फोरम के कर्मचंद भारद्वाज ने बताया कि पावरकॉम और ट्रांसको की मैनेजमेंट व सरकार बिजली क्षेत्र देशी-विदेशी निजी कंपनियों के हवाले कर पक्का रोजगार खत्म कर रही है। कंपनियों को मालामाल किया जा रहा है। इसे रोका जाना चाहिए।
ठेके पर रखे मुलाजिमों से चलेगा काम
पावरकॉम और ट्रांसको के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से विभाग को बिजली संबंधी समस्याओं से पार पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। पावरकॉम इस दौरान ठेके पर रखे मुलाजिमों से काम लेगी।
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कोट
मुलाजिम हड़ताल पर नहीं जाना चाहते थे लेकिन मैनेजमेंट हमारी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। मांगें नहीं मानने की सूरत में सरकार और मैनेजमेंट को परिणाम भुगतने होंगे।
जगतार सिंह, प्रधान, पीएसईबी इंप्लाईज यूनियन
ये हैं मांगें
-कांट्रैक्ट बेस्ड कर्मियों को पक्का करना
-कर्मचारियों की सेवा शर्तों में बदलाव नहीं
-पे बैंड और पे ग्रेड में बढ़ोतरी
-मृतक कर्मियों के आश्रितों को पहल के आधार पर नौकरी
-बेवजह सस्पेंड किए गए कर्मचारी नेताओं की तुरंत बहाली