{"_id":"5c89e876bdec2260e22abd3d","slug":"pulwama-terror-attack-kashmiri-students-interview-on-terrorism-in-jammu-kashmir","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कश्मीरी छात्रों ने बयां किया दर्द, बताया- क्यों वे मां-बाप को छोड़कर दूसरे राज्यों में पढ़ने आते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीरी छात्रों ने बयां किया दर्द, बताया- क्यों वे मां-बाप को छोड़कर दूसरे राज्यों में पढ़ने आते हैं
Thu, 14 Mar 2019 11:13 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजपुरा(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजपुरा(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 14 Mar 2019 11:13 AM IST
विज्ञापन
कश्मीरी छात्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलवामा आतंकी हमले के बाद देश भर में कश्मीरी छात्रों को विरोध का दंश झेलना पड़ा। अब उन्होंने आपबीती सुनाते हुए अपना दर्द बयां किया और एक इंटरव्यू के दौरान कई खुलासे किए। सीजीसी लांडरा में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में अगर आतंकवाद की समस्या न होती, तो हम भी अपने माता-पिता के पास रहते। जम्मू-कश्मीर में ही पढ़ाई करते। लेकिन खौफ के मारे हम जम्मू-कश्मीर से बाहर दूसरे राज्यों में जाकर पढ़ने को मजबूर हैं। मना करने पर भी माता-पिता खुद हमें जबरदस्ती बाहर पढ़ने को भेज देते हैं।
छात्रों ने अमर उजाला से बात करते हुए अपना दर्द कुछ इस तरह से बयां किया। गौरतलब है कि इस शिक्षण संस्थान में जम्मू-कश्मीर के 440 स्टूडेंट पढ़ते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने एग्जाम कंप्लीट किए हैं। इन स्टूडेंट्स ने स्थानीय छात्रों के नेतृत्व में बुधवार को कश्मीर घाटी में शांति की कामना करते हुए और शहीद जवानों की याद में कैंडल मार्च भी निकाला। बीटेक सेकेंड ईयर के स्टूडेंट खान वामेयर ने कहा कि वह अपने मिड सेमेस्टर की परीक्षा को बर्बाद करना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने घर जाने के बजाय यहीं रहने का फैसला लिया। क्योंकि वहां हालात इन दिनों खराब चल रहे हैं।
विज्ञापन
छात्रों ने अमर उजाला से बात करते हुए अपना दर्द कुछ इस तरह से बयां किया। गौरतलब है कि इस शिक्षण संस्थान में जम्मू-कश्मीर के 440 स्टूडेंट पढ़ते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने एग्जाम कंप्लीट किए हैं। इन स्टूडेंट्स ने स्थानीय छात्रों के नेतृत्व में बुधवार को कश्मीर घाटी में शांति की कामना करते हुए और शहीद जवानों की याद में कैंडल मार्च भी निकाला। बीटेक सेकेंड ईयर के स्टूडेंट खान वामेयर ने कहा कि वह अपने मिड सेमेस्टर की परीक्षा को बर्बाद करना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने घर जाने के बजाय यहीं रहने का फैसला लिया। क्योंकि वहां हालात इन दिनों खराब चल रहे हैं।
विज्ञापन
कुछ ऐसी है कश्मीरी छात्रों की राय
अनंतनाग के रहने वाले बीबीए सेकेंड ईयर में पढ़ने वाले शेख फजील अहमद ने कहा कि जो छात्र कश्मीर में पढ़ाई कर रहे हैं, वह वहां चल रही परेशानियों के कारण पढ़ाई ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। आतंकवाद एक प्रमुख कारण है, जिसके चलते उन्हें पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए अन्य राज्यों में आना पड़ता है। वह भी इसी कारण पंजाब आया है।
इस बारे में पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में डेमोक्रेटिक स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन के नेता अजायब सिंह से अमर उजाला ने बात की, तो उन्होंने बताया कि पीयू में भी कुछ कश्मीरी स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। सभी वहां आतंकवाद की समस्या के कारण यहां पढ़ने आए हैं। इनमें से ज्यादातर का कहना है कि पंजाब एक खुशहाल व शांत राज्य है, ऐसे में इनकी पहली पसंद पंजाब ही रहता है।
उन्होंने बताया कि कश्मीरी छात्र सभी से काफी मिलनसार हैं। यहां कभी कोई लड़ाई झगड़े वाली बात नहीं हुई। पिछले दिनों जब वे डरे हुए थे तो स्थानीय छात्रों में उन्हें सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया और सुरक्षा दी भी।
इस बारे में पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में डेमोक्रेटिक स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन के नेता अजायब सिंह से अमर उजाला ने बात की, तो उन्होंने बताया कि पीयू में भी कुछ कश्मीरी स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। सभी वहां आतंकवाद की समस्या के कारण यहां पढ़ने आए हैं। इनमें से ज्यादातर का कहना है कि पंजाब एक खुशहाल व शांत राज्य है, ऐसे में इनकी पहली पसंद पंजाब ही रहता है।
उन्होंने बताया कि कश्मीरी छात्र सभी से काफी मिलनसार हैं। यहां कभी कोई लड़ाई झगड़े वाली बात नहीं हुई। पिछले दिनों जब वे डरे हुए थे तो स्थानीय छात्रों में उन्हें सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया और सुरक्षा दी भी।