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Hindi News ›   Chandigarh ›   Public Reaction on Weekend Curfew in Chandigarh

वीकेंड कर्फ्यू पर बंटे चंडीगढ़वासी... कुछ बोले- जान सब कुछ है, कुछ ने कहा अब उबर नहीं पाएंगे

Wed, 22 Jul 2020 10:44 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 22 Jul 2020 10:44 AM IST
सार

  • विशेषज्ञों व व्यापारियों की राय अलग-अलग
  • विशेषज्ञों ने दिया दिल्ली का उदाहरण
  • लोग बोले- इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा

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Public Reaction on Weekend Curfew in Chandigarh
फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना संक्रमण के बढ़ते केसों को रोकने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन सप्ताहांत (वीकेंड) कर्फ्यू पर विचार कर रहा है, लेकिन लोगों की राय अलग-अलग है। संभव है कि बुधवार शाम इस बारे में फैसला ले लिया जाए। सवाल है कि क्या इससे कोरोना थमेगा या नहीं। इस बारे में अमर उजाला ने चंडीगढ़ के जाने-माने विशेषज्ञों और व्यापारियों से बात कर जानने की कोशिश कि आखिर उनकी क्या राय है?
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कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि यह सिर्फ मन बहलाने की बात है। इससे कोई फायदा नहीं होने वाला। कुछ ने कहा कि इससे लोगों में डर बढ़ेगा और बीमारी के प्रति ज्यादा जागरूक रहेंगे। व्यापारियों के एक वर्ग का कहना है कि बाजार की गति थोड़ी आगे बढ़ी है। यदि कर्फ्यू लगा तो दोबारा इससे उबरना मुश्किल होगा जबकि दूसरे वर्ग का कहना है कि जान है तो बाद में भी कारोबार कर सकेंगे।
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कुछ फायदा होगा, तभी बात की जा रही है
इससे बीमारी रुकेगी या नहीं। यह कह पाना तो थोड़ा मुश्किल होगा लेकिन सप्ताहांत कर्फ्यू का एक फायदा यह जरूर होगा कि लोगों को कम से कम यह अहसास तो होगा कि बीमारी गई नहीं है क्योंकि लोगों ने मान लिया है कि कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता इसीलिए लोग घूम रहे हैं और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। मेरा मत है कि प्रशासन ने यदि कर्फ्यू लगाने के बारे में सोचा है तो जरूर कोई न कोई तथ्य होगा और उसी के आधार पर निर्णय ले रहे होंगे।
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- प्रो. केके तलवार, पूर्व निदेशक पीजीआई

दिल्ली एक मॉडल है, जहां बिना कर्फ्यू व लॉकडाउन के केस नीचे आ रहे

दिल्ली एक उदाहरण है, जहां बिना लॉकडाउन व कर्फ्यू के केस नीचे आ रहे हैं। देश में कई जगह छोटे-छोटे लॉकडाउन हुए, मगर केस बढ़ रहे हैं। यदि लोग अपने लक्षण न छिपाएं और जल्द से जल्द से डाक्टर से संपर्क करें। ट्रेवल करने व शादी समारोह में जाने से बचें तो यह आउटब्रेक रुक सकता है। पंजाब के अमृतसर, मलेरकोटला में भी केस काफी बढ़ गए थे, मगर अब वहां नीचे आ रहे हैं। सामाजिक संस्थाओं को सावधानीपूर्वक आगे आकर लोगों को जागरूक कर प्रशासन का सहयोग करना होगा।
- प्रो. राजेश कुमार, पूर्व विभागाध्यक्ष स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई

इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा

इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। यह मन को तसल्ली देने वाली बात होगी। पीछे लॉकडाउन हुआ था। उसके बाद खुला तो क्या हुआ। केस बढ़ते चले गए। कोशिश यह होनी चाहिए कि सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क नहीं पहनने पर जो सख्ती की गई थी उसे और मजबूती से लागू किया जाए। टेस्ंिटग, ट्रेसिंग व क्वारंटीन का काम ईमानदारी से करें। शहरवासी भी इसमें सहयोग करें। इससे कोरोना काफी हद तक काबू आ जाएगा।
- प्रो. एसके जिंदल, पूर्व विभागाध्यक्ष पल्मोनेरी पीजीआई

कर्फ्यू लगा तो सारा व्यापार चौपट हो जाएगा
लॉकडाउन के बाद व्यापार ने थोड़ी गति पकड़ी है। भले ही ग्राहक कम हो, मगर व्यापार धीरे-धीरे ही आगे बढ़ेगा। यदि दोबारा से कर्फ्यू लगा तो सब बर्बाद हो जाएगा। व्यापारी लोग अपनी ओर से काफी सजगता और सावधानी बरत रहे हैं। प्रशासन को थोड़ी सख्ती और बरतनी चाहिए। सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं करने वालों के ज्यादा से ज्यादा चालान कटने चाहिए और अचानक छापा मारना चाहिए। इससे डर बढ़ेगा और केस भी काबू में आएंगे।
- नरेश गर्ग, प्रधान, कंप्यूटर मार्केट

ढील का गलत फायदा उठा रहे हैं लोग

प्रशासन की ढील का लोग गलत फायदा उठा रहे हैं। एलांते मॉल हो या सुखना लेक। हर जगह लोगों की भीड़ जुट रही है। प्रशासन क्या करे? प्रशासन ने तो अपनी ओर से पूरी सख्ती की है। लोग ही मानने को तैयार नहीं हैं। रही बात कारोबार की तो जान रहेगी, तभी कर पाएंगे, इसलिए मेरा मानना है कि चंडीगढ़ प्रशासन को सप्ताहांत पर कर्फ्यू लगा देना चाहिए। चंडीगढ़ पढ़ा-लिखा शहर है। इसके बावजूद लोग प्रशासन का सहयोग नहीं कर रहे।
- परमजीत सिंह, व्यापारी, सेक्टर 23 मार्केट

जब केस रुकेंगे, तभी ग्राहक आएगा

मार्केट में ग्राहक आ रहे हैं, मगर कम। जब तक केस नहीं रुकेंगे, तब तक मार्केट में ग्राहक नहीं आएंगे। ऐसे में सप्ताहांत कर्फ्यू लगता है तो मार्केट पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। पटरी पर गाड़ी लाने के लिए वीकेंड कर्फ्यू जरूरी है। अब तो चंडीगढ़ में भी तेजी से केस बढ़ रहे हैं। इसे रोकने के लिए कोई न कोई तो कदम उठाना पड़ेगा। प्रशासन सोच समझकर ही कदम उठा रहा है। प्रशासन जो भी फैसला लेगा, हम उसका पुरजोर समर्थन करेंगे।
- जसविंदर सिंह नागपाल, प्रेसिडेंट, शास्त्री मार्केट

राखी का त्योहार नजदीक है, इसलिए कर्फ्यू नहीं लगना चाहिए
वीकेंड लॉकडाउन बिल्कुल नहीं होना चाहिए। राखी जैसा त्योहार नजदीक है। मार्केट में थोड़ी रौनक बढ़ी है। जो लोग खरीददारी करने आ रहे हैं, वे खुद से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। व्यापारी भी जान रहे हैं कि यदि लापरवाही बरती तो नुकसान उनका भी होगा। सप्ताहांत कर्फ्यू लगने से कारोबार न सिर्फ प्रभावित होगा, बल्कि खत्म हो जाएगा।
- संजीव चड्डा, जनरल सेक्रेटरी, व्यापार मंडल

अब कर्फ्यू लगा तो उबर नहीं पाएंगे
यूटी प्रशासक को पत्र लिखकर कहा है कि यदि वीकेंड कर्फ्यू लगता है तो शहर की आर्थिक व्यवस्था की गति फिर से ठहर जाएगी। चंडीगढ़ प्रशासन को वीकेंड कर्फ्यू लगाने से पहले एक बार व्यापारियों के हितों के बारे में जरूर सोचना होगा। त्योहार नजदीक है। लोग बाजार आएंगे तो थोड़ी रौनक बढ़ेगी। बाजार में आने वाले लोग और व्यापारी पहले से ही जागरूक हैं।
- नीरज बजाज, अध्यक्ष, चंडीगढ़ व्यापार परिषद
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