चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी जल्द ही प्राकृतिक खेती पर नया कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह कोर्स संबद्ध कृषि कॉलेजों में संचालित होगा। विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती के फायदे, प्रदर्शन, आमदनी आदि के बारे में पढ़ाया जाएगा।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के वीसी को यह निर्देश भेजे गए हैं। उन्होंने कहा है कि वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में प्राकृतिक खेती पर जोर दिया गया। इसके लाभ अनेकों बताए गए। साथ ही बिना बजट के आमदनी ली जा सकेगी। इस खेती पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी विचार रखे और किसानों के लिए इसे लाभदायक बताया। इसके साथ-साथ कैबिनेट ने भी इसको आगे बढ़ाया। इसी को देखते हुए अनुसंधान परिषद ने खासकर अपने कृषि विश्वविद्यालयों व कृषि कॉलेजों से जुड़े विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि इस पर काम किया जाए ताकि सरकार की मंशा पूरी हो सके और किसान अधिक से अधिक मुनाफा ले सकें। इस पाठ्यक्रम के संचालन के बाद अनुसंधान परिषद को सभी विश्वविद्यालय जानकारी देंगे। कोर्स तैयार करने और उसे पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भी तैनाती करनी होगी। हालांकि वर्तमान में कृषि विषय पढ़ा रहे शिक्षक ही इसकी जानकारी दे सकते हैं। इसके लिए उन्हें भी प्रशिक्षण दिया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि अनुसंधान परिषद के पत्र के बाद पीयू इस पर काम शुरू कर रही है।