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पीयू सीनेट चुनाव शेड्यूल पर घमासान, चुनाव टलना तय

Wed, 29 Jul 2020 02:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2020 02:15 AM IST
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PU Senate contested on election schedule, election postponed
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pu222.jpg
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट चुनाव शेड्यूल को लेकर महारथियों में घमासान हो गया। दोनों ही प्रमुख ग्रुपों ने ताकत झोंक दी है। एक ग्रुप सितंबर में चुनाव करवाने की पूरी तैयारी में लगा है तो दूसरा ग्रुप चुनाव की तिथि आगे बढ़वाने में। जानकारों का कहना है कि कोरोना के कारण सीनेट चुनाव टलना भी तय है। माना जा रहा है कि यह चुनाव अक्तूबर के आखिरी सप्ताह या नवंबर में हो सकते हैं।
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जानकारी के अनुसार पीयू सीनेट में 91 मेंबर होते हैं। इसमें 35 मेंबर्स का मनोनयन उपराष्ट्रपति एवं चांसलर की ओर से किया जाता है। बाकी के मेंबर्स के लिए चुनाव होता है। पीयू कैंपस की चार सीटें, स्नातक वर्ग से 14 सीटें, कॉलेजों से 15 सीटें इसके अलावा रीजनल केंद्रों से भी चुनाव होकर कुछ सीटें भरी जाती हैं। पीयू कैंपस की चार सीटों के लिए चुनाव 14 सितंबर को होना निर्धारित है। इसके लिए लगभग 26 सदस्यों ने नामांकन भी कर दिया। तैयारी जोरों से चल रही है।
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इसी बीच भाजपा से आने वाले डॉ. सुभाष शर्मा ग्रुप ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से सिफारिश कर दी कि चुनाव की तिथि आगे की जाए। यह बात कांग्रेस से आने वाले डॉ. नवदीप गोयल ग्रुप को पता लगी तो उन्होंने भी उप राष्ट्रपति को खत लिख दिया। इसमें उन्होंने चुनाव सितंबर में ही करवाने को कहा है। दोनों ही ग्रुप अपने-अपने तरीकों से ऊपर सिफारिशें कर रहे हैं ताकि उनकी बात कायम रहे लेकिन सूत्रों का कहना है कि भाजपा ग्रुप ने जो सिफारिश ऊपर की है, उसे अधिक महत्व मिलता दिख रहा है और सीनेट चुनाव सितंबर की बजाय अक्तूबर या नवंबर में हो सकता है।
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ये हैं सुभाष ग्रुप के तर्क
कोरोना का प्रसार तेजी से हो रहा, इसलिए दूर-दराज के क्षेत्रों से वोटर आने में असमर्थ होंगे।
जब परीक्षाएं टल सकती हैं तो चुनाव क्यों नहीं टल सकता।
पुटा का चुनाव तक नहीं करवाया जा रहा, जो छोटे स्तर पर होता है, ऐसे में सीनेट चुनाव वृहद स्तर पर कैसे हो सकता है।
देश के कई राज्यों में कई प्रकार के चुनाव कैंसिल हो गए। पंजाब के भी कुछ चुनाव अभी नहीं हो रहे हैं, इसलिए सीनेट चुनाव नहीं करवाया जाए।
सीनेट चुनाव की तैयारियां हमारी पूरी हैं। हमारा प्रदर्शन अच्छा रहेगा लेकिन किसी की जान से नहीं खेल सकता। कोरोना का संक्रमण बढ़ सकता है।
ये हैं गोयल ग्रुप के तर्क
पीयू का सीनेट चुनाव लोकसभा या विधानसभाओं की तरह नहीं होता है। यह चुनाव सावधानी के साथ करवाया जा सकता है।
यह लोकतांत्रिक है, इसलिए टाला नहीं जा सकता। पीयू का विकास इसी चुनाव से जुड़ा होता है।
सीनेट न होने के कारण छात्रों से जुड़े मुद्दों पर निर्णय नहीं लिया जा सकेगा, इसलिए चुनाव होने चाहिएं।
सीनेट चुनाव की तैयारियां हो गई हैं। 26 से अधिक लोगों ने नामांकन करवा दिए हैं। ऐसे में चुनाव की तिथि बढ़ी तो सभी की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
हमारी जीत सुनिश्चित होने के कारण दूसरा पक्ष चुनाव आगे ले जाना चाहता है।
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