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नए साल में छात्रों को कैंपस बुलाने की तैयारी कर रही पीयू, लिया जा रहा फीडबैक
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चंडीगढ़। 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए कॉलेज खोले जा रहे हैं। इसी को देखते हुए अब पंजाब विश्वविद्यालय भी कैंपस में विद्यार्थियों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। 1 जनवरी से यह अनुमति मिल सकती है। हालांकि इसके लिए कोरोना के केसों का आंकड़ा देखा जाएगा। यदि कोरोना कम होगा तो माना जा रहा है कि कैंपस विद्यार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा। विद्यार्थियों को रोस्टर के मुताबिक कक्षाओं में बुलाकर पढ़ाया जाएगा। एक साथ कैंपस में 16 हजार विद्यार्थी नहीं घूम सकेंगे। उच्चाधिकारियों ने इस पर मंथन करना शुरू कर दिया है। शिक्षकों से भी फीडबैक लिया जा रहा है कि वह भी अपने सुझाव दे सकते हैं।
पंजाब विश्वविद्यालय 20 मार्च से बंद चल रहा है। विद्यार्थियों को कैंपस आने की अनुमति नहीं दी गई है। विभागों में दो माह से शिक्षक ही आ रहे हैं जो ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं। शोध का कार्य भी 1 नवंबर से हॉस्टल खुलने पर शुरू होगा। इस बीच अनलॉक पांच लागू हो गया। 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खोलने की अनुमति मिल गई। इसके अलावा निजी स्कूलों को भी खोलने की अनुमति दी जा सकती है। धीरे-धीरे विद्यार्थियों को हर स्कूल बुलाना शुरू करेगा, लेकिन विश्वविद्यालयों में यह गतिविधि शुरू नहीं हो पाई जबकि सबसे जागरूक व पढ़े-लिखे विद्यार्थी विश्वविद्यालयों के ही माने जाते हैं। कैंपस खोलने के लिए भी कुछ शिक्षकों ने पीयू से कहा था, लेकिन इस पर काम नहीं किया गया। अब जाकर इसके लिए योजनाएं बन रही हैं।
बड़ी कक्षाओं को बांटा जाएगा दो हिस्सों में
सूत्रों का कहना है कि पीयू कैंपस में लगभग 16 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे में एक साथ सभी विद्यार्थियों को नहीं बुलाया जाएगा। इसके लिए एक रोस्टर तैयार होगा। हर दिन आठ से दस विभाग खुलेंगे। उन्हीं में कक्षाएं लगेंगी। कक्षा कितनी देर लगेगी और विद्यार्थियों को कक्षा में कैसे बैठाया जाएगा आदि का निर्धारण होना है। विद्यार्थियों को समूह में न खड़े होने देना आदि नियम शामिल होंगे। बड़ी कक्षाओं को दो हिस्सों में भी बांटा जा सकता है या उनकी कक्षाएं फिर हॉल में लगेंगी ताकि सामाजिक दूरी का पालन हो सके। इसका खाका पीयू तैयार कर रही है। दिसंबर में यह पूरी योजना सार्वजनिक होगी।
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इनसेट---
शोधार्थी नियमों का करेंगे पालन तो बन सकती है बात
सूत्रों का कहना है कि पीयू ने पहले चरण में शोधार्थियों को कैंपस में आने की अनुमति दी है। यदि वह नियमों का पालन करेंगे और कोरोना से बचे रहेंगे तो पीयू के लिए अन्य विद्यार्थियों को कैंपस बुलाने की योजना आसान हो जाएगी।
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पंजाब विश्वविद्यालय 20 मार्च से बंद चल रहा है। विद्यार्थियों को कैंपस आने की अनुमति नहीं दी गई है। विभागों में दो माह से शिक्षक ही आ रहे हैं जो ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं। शोध का कार्य भी 1 नवंबर से हॉस्टल खुलने पर शुरू होगा। इस बीच अनलॉक पांच लागू हो गया। 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खोलने की अनुमति मिल गई। इसके अलावा निजी स्कूलों को भी खोलने की अनुमति दी जा सकती है। धीरे-धीरे विद्यार्थियों को हर स्कूल बुलाना शुरू करेगा, लेकिन विश्वविद्यालयों में यह गतिविधि शुरू नहीं हो पाई जबकि सबसे जागरूक व पढ़े-लिखे विद्यार्थी विश्वविद्यालयों के ही माने जाते हैं। कैंपस खोलने के लिए भी कुछ शिक्षकों ने पीयू से कहा था, लेकिन इस पर काम नहीं किया गया। अब जाकर इसके लिए योजनाएं बन रही हैं।
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बड़ी कक्षाओं को बांटा जाएगा दो हिस्सों में
सूत्रों का कहना है कि पीयू कैंपस में लगभग 16 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे में एक साथ सभी विद्यार्थियों को नहीं बुलाया जाएगा। इसके लिए एक रोस्टर तैयार होगा। हर दिन आठ से दस विभाग खुलेंगे। उन्हीं में कक्षाएं लगेंगी। कक्षा कितनी देर लगेगी और विद्यार्थियों को कक्षा में कैसे बैठाया जाएगा आदि का निर्धारण होना है। विद्यार्थियों को समूह में न खड़े होने देना आदि नियम शामिल होंगे। बड़ी कक्षाओं को दो हिस्सों में भी बांटा जा सकता है या उनकी कक्षाएं फिर हॉल में लगेंगी ताकि सामाजिक दूरी का पालन हो सके। इसका खाका पीयू तैयार कर रही है। दिसंबर में यह पूरी योजना सार्वजनिक होगी।
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शोधार्थी नियमों का करेंगे पालन तो बन सकती है बात
सूत्रों का कहना है कि पीयू ने पहले चरण में शोधार्थियों को कैंपस में आने की अनुमति दी है। यदि वह नियमों का पालन करेंगे और कोरोना से बचे रहेंगे तो पीयू के लिए अन्य विद्यार्थियों को कैंपस बुलाने की योजना आसान हो जाएगी।