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रिसर्च स्कॉलर के लिए पीयू ने जारी की एसओपी
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने 15 अक्टूबर को शोधार्थियों के लिए प्रयोगशाला खोल दी। शुक्रवार को शोधार्थियों को लेकर पीयू प्रशासन की ओर से स्टेंडर्ड ओपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) जारी की। इसमें शोधार्थियों के लिए सख्त हिदायतें दी गई हैं। इसमें कहा गया है कि अगर कोई भी शोधार्थी नियमों को तोड़ता पाया गया तो उनके प्रयोगशाला में आने पर रोक लगा दी जाएगी।
ये हैं दिशा-निर्देश
1. सभी शोधार्थियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। हाथ साफ करने के लिए साथ में सैनिटाइजर रखना होगा और थूकने पर पूर्णता प्रतिबंध रहेगा।
2. केवल स्वस्थ व्यक्ति, जिसमें कोरोना के कोई लक्षण न हो, उन्हें ही प्रयोगशाला में प्रवेश मिलेगा।
3. कोई भी बीमारी होने पर शोधार्थी अपने विभागाध्यक्ष और रिसर्च सुपरवाइजर को सूचित करेगा।
4. सभी प्रयोगशालाओं, केंद्रीय वाद्य सुविधा और विभागों के पुस्तकालय वर्किंग डे में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे।
5. विभाग में प्रवेश के समय शोधार्थियों की थर्मल स्कैनिंग होगी।
6. विभाग में आने वाले लोगों के प्रवेश और जाने की जानकारी और तापमान रजिस्टर में लिखा होना चाहिए।
7. प्रयोगशाला के दरवाजे खेलकर रिसर्च वर्क किया जाएगा और एसी चलाने पर प्रतिबंध रहेगा।
8. पैन, बुक्स, मोबाइल आदि शेयरिंग पर रोक रहेगी।
9. शोधार्थी अपने अभिभावकों की इजाजत लेंगे कि वे इस स्थिति में प्रयोगशाला में शोध वर्क करना चाहते हैं।
10. एक रिसर्च सकॉलर के लिए काम करने के लिए चार स्क्वायर मीटर एरिया निर्धारित किया गया है। उसके अलावा लैब औ कमरों के अनुसार एक रिसर्च स्कॉलर को जगह अलॉट की जाएगी।
11. सभी उपकरणों को प्रयोग करने के बाद और पहले सैनिटाइज किया जाएगा।
12. शोधार्थी अपने साथी, कर्मचारियों आदि के साथ समय न बिताएं और कैंपस में अनावश्यक यात्रा से बचें।
13. नजदीक आकर कोई भी शोधार्थी बात नहीं करेगा।
14. प्रयोगशाला में काम करने के लिए शोधार्थी टाइम टेबल बनाए और जल्द अपना काम खत्म कर प्रयोगशाला छोड़ें।
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ये हैं दिशा-निर्देश
1. सभी शोधार्थियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। हाथ साफ करने के लिए साथ में सैनिटाइजर रखना होगा और थूकने पर पूर्णता प्रतिबंध रहेगा।
2. केवल स्वस्थ व्यक्ति, जिसमें कोरोना के कोई लक्षण न हो, उन्हें ही प्रयोगशाला में प्रवेश मिलेगा।
3. कोई भी बीमारी होने पर शोधार्थी अपने विभागाध्यक्ष और रिसर्च सुपरवाइजर को सूचित करेगा।
4. सभी प्रयोगशालाओं, केंद्रीय वाद्य सुविधा और विभागों के पुस्तकालय वर्किंग डे में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे।
5. विभाग में प्रवेश के समय शोधार्थियों की थर्मल स्कैनिंग होगी।
6. विभाग में आने वाले लोगों के प्रवेश और जाने की जानकारी और तापमान रजिस्टर में लिखा होना चाहिए।
7. प्रयोगशाला के दरवाजे खेलकर रिसर्च वर्क किया जाएगा और एसी चलाने पर प्रतिबंध रहेगा।
8. पैन, बुक्स, मोबाइल आदि शेयरिंग पर रोक रहेगी।
9. शोधार्थी अपने अभिभावकों की इजाजत लेंगे कि वे इस स्थिति में प्रयोगशाला में शोध वर्क करना चाहते हैं।
10. एक रिसर्च सकॉलर के लिए काम करने के लिए चार स्क्वायर मीटर एरिया निर्धारित किया गया है। उसके अलावा लैब औ कमरों के अनुसार एक रिसर्च स्कॉलर को जगह अलॉट की जाएगी।
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11. सभी उपकरणों को प्रयोग करने के बाद और पहले सैनिटाइज किया जाएगा।
12. शोधार्थी अपने साथी, कर्मचारियों आदि के साथ समय न बिताएं और कैंपस में अनावश्यक यात्रा से बचें।
13. नजदीक आकर कोई भी शोधार्थी बात नहीं करेगा।
14. प्रयोगशाला में काम करने के लिए शोधार्थी टाइम टेबल बनाए और जल्द अपना काम खत्म कर प्रयोगशाला छोड़ें।