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रिसर्च के क्षेत्र में बाजी मार रही पीयू, अब रकम का संकट खड़ा हुआ

Sun, 06 Dec 2020 02:32 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 06 Dec 2020 02:32 AM IST
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PU is winning in the field of research, now money crisis has arisen
चंडीगढ़। पीयू रिसर्च के क्षेत्र में बाजी मार रही है, लेकिन अब रिसर्च के लिए शिक्षकों के पास पैसे का अभाव हो रहा है। रूसा के तहत पीयू ने प्रस्ताव भेजा था, लेकिन 55 करोड़ रुपये अब तक नहीं मिल पाए। पीयू इस पैसे का इंतजार कर रही है। वहीं शिक्षक भी पीयू तक प्रस्ताव भेज रहे हैं कि केंद्र सरकार से यह रकम मांगी जाए ताकि रिसर्च ठीक से की जा सके।
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पीयू में 800 से अधिक रिसर्च पब्लिकेशंस हर साल होते हैं। इनका प्रभाव भी पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों से बेहतर रहता है। 20 से अधिक वैज्ञानिक पीयू के ऐसे हैं जिनकी पहचान पूरी दुनिया में रिसर्च व उनकी उपलब्धि के तहत होती है। इन वैज्ञानिकों के पास बड़े-बड़े रिसर्च प्रोजेक्ट हैं। नए अनुसंधान के क्षेत्र हैं, लेकिन रकम नहीं है। ऐसे में पीयू अपने फंड से रकम दे या फिर कोई व्यवस्था करे अन्यथा इसका असर रैंकिंग पर भी पड़ेगा। कुछ शिक्षकों को रिसर्च ग्रांट कुछ एजेंसियों से कोरोना काल में जरूर मिली है, लेकिन उनके रिसर्च कोरोना से जुड़े हैं। यह विशेष बजट सीधे केंद्र सरकार या एजेंसियों ने तय किया है। पीयू को उम्मीद थी कि दिसंबर में रूसा के तहत रकम मिलेगी, लेकिन उसकी उम्मीद नजर नहीं आ रही है। अब पीयू फिर से केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखेगी।
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