{"_id":"5f6cdf868ebc3e476f20eb0d","slug":"pu-departments-budget-cut-percent-chandigarh-news-pkl388910719","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू में विभागों के बजट पर चलेगी कैची, हो सकती है 20 फीसदी की कटौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीयू में विभागों के बजट पर चलेगी कैची, हो सकती है 20 फीसदी की कटौती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी विभागों के खर्च में 20 फीसदी तक की कटौती कर सकती है। इसके लिए विभागों से पूछा गया है कि वह कौन-कौन से खर्च बचा सकते हैं। जवाब मिलने के बाद पीयू प्रशासन इस पर निर्णय लेगा। पीयू आगामी बजट की कार्य योजना बना रही है।
पीयू में 78 विभाग हैं। विभागों को जरूरत के हिसाब से अलग-अलग बजट दिया जाता है। कुछ विभागों को निर्धारित ही बजट मिलता है। अभी तक चर्चा यह थी कि विभागों के बजट में पीयू दस फीसदी तक की कटौती करेगी। उसी के मुताबिक आगामी बजट में उनका प्रावधान करेगी। लेकिन कुछ विभागों का खर्च अधिक है, क्योंकि उन्होंने कोरोना काल में भी खर्चा किया है। कोरोना के चलते ही अब बजट पर कैंची चलेगी। सूत्रों का कहना है कि विभागों में गैर जरूरी सामान नहीं खरीदा जा सकेगा।
पुस्तकालय में भी नहीं आएंगी किताबें
पुस्तकालय आदि में भी किताबें नहीं आएंगी। क्योंकि विद्यार्थियों को ई-बुक्स आदि मुहैया कराए जाने की योजना है। ऐसे में किताबों का बजट भी बचेगा। रंग-रौगन आदि पर भी धनराशि अधिक खर्च नहीं होगी। केमिकल आदि पर भी खर्च नहीं होगा। अन्य कार्यों के जरिए भी विभाग पैसा बचा सकते हैं। विभागों का जवाब पीयू प्रशासन को जाएगा तो उसी में से मुख्य बिंदुओं को निकालकर निर्णय लिया जाएगा। यह कार्य इसी माह में पूरा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीयू में 78 विभाग हैं। विभागों को जरूरत के हिसाब से अलग-अलग बजट दिया जाता है। कुछ विभागों को निर्धारित ही बजट मिलता है। अभी तक चर्चा यह थी कि विभागों के बजट में पीयू दस फीसदी तक की कटौती करेगी। उसी के मुताबिक आगामी बजट में उनका प्रावधान करेगी। लेकिन कुछ विभागों का खर्च अधिक है, क्योंकि उन्होंने कोरोना काल में भी खर्चा किया है। कोरोना के चलते ही अब बजट पर कैंची चलेगी। सूत्रों का कहना है कि विभागों में गैर जरूरी सामान नहीं खरीदा जा सकेगा।
विज्ञापन
पुस्तकालय में भी नहीं आएंगी किताबें
पुस्तकालय आदि में भी किताबें नहीं आएंगी। क्योंकि विद्यार्थियों को ई-बुक्स आदि मुहैया कराए जाने की योजना है। ऐसे में किताबों का बजट भी बचेगा। रंग-रौगन आदि पर भी धनराशि अधिक खर्च नहीं होगी। केमिकल आदि पर भी खर्च नहीं होगा। अन्य कार्यों के जरिए भी विभाग पैसा बचा सकते हैं। विभागों का जवाब पीयू प्रशासन को जाएगा तो उसी में से मुख्य बिंदुओं को निकालकर निर्णय लिया जाएगा। यह कार्य इसी माह में पूरा होगा।
विज्ञापन