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असिस्टेंट प्रोफेसर की नियमित भर्ती के लिए पीयू में प्रदर्शन

Fri, 30 Jul 2021 02:09 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 30 Jul 2021 02:09 AM IST
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Protest in PU for the regular recruitment of Assistant Professor
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में वीरवार को शोधकर्ताओं ने शिक्षण संकाय में भर्ती के लिए सरकारी कॉलेज बचाओ मंच के बैनर तले गेट नंबर 2 पर पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शोधकर्ताओं ने रोषस्वरूप अपनी डिग्री की प्रतियां फाड़कर जलाईं।
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प्रदर्शन में पंजाब विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के साथ पंजाब के कॉलजों में पढ़ा रहे गेस्ट फैकल्टी के शिक्षक भी शामिल हुए। शोेधकर्ताओं ने सरकार की ओर से जल्द पंजाब के कॉलेजों में जल्द असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती निकालने की मांग की। प्रदर्शन में पंजाब से पहुंचे शिक्षकों और कैंपस शोधकर्ताओं ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से कॉलेजों में 1995 के बाद से शिक्षकों की कोई नियमित भर्ती नहीं निकाली गई है। इस कारण नेट-जेआरएफ और पीएचडी पूरी करने के बाद भी उम्मीदवार गेस्ट फैकल्टी के तौर पर काम करने को मजबूर हैं। वहीं बहुत से पीएचडी प्राप्तकर्ता उम्मीदवार भी बेरोजगार घूम रहे हैं। इस कारण वर्तमान में पीएचडी कर रहे उम्मीदवारों को भी भविष्य में नौकरी का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ नारे लगाए और सहायक प्रोफेसरों के पदों पर तत्काल भर्ती की मांग की।
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सरकारी कॉलेजों में निजीकरण का किया विरोध
प्रदर्शन के दौरान शोधकर्ताओं ने पंजाब यूनिवर्सिटी में शामिल सेल्फ फाइनेंस कोर्स और पंजाब के सरकारी कॉलेजों में बढ़ रहे निजीकरण का विरोध किया। विद्यार्थी भारी फीस देने के बाद भी डिग्री पूरी होने के बाद बेरोजगार घूम रहे हैं। पंजाब के कॉलेजों में लगभग 1500 शिक्षकों के पद खाली है। वहीं मातृभाषा पंजाबी के 38 कॉलेजों में सिर्फ 18 ही नियमित शिक्षक हैं।
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शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर चर्चा करें राजनेता
राजनीतिक दलों को शिक्षा और रोजगार को अपने घोषणा पत्र में प्रमुखता से उठाना चाहिए। इसके साथ ही इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि सरकारों की फेल नीतियों के कारण ही पीएचडी करने के बाद भी पंजाब के युवा आईलेट्स कर विदेशों में नौकरी के लिए भटकने को मजबूर हैं। पीयू के पूर्व सीनेटरों ने भी इन मसलों पर कोई काम नहीं किया है, जिसका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। -रविदंर धालीवाल, शोधकर्ता, पीयू

पीएचडी और शैक्षणिक तर्जुबे के बाद भी नौकरी नहीं
पंजाब यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने और साथ में शैक्षणिक तर्जुबे के बाद भी उम्मीदवार कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी के तौर पर काम करने को मजबूर हैं। इतने वर्ष पढ़ाई को देने के बाद भी युवा बेरोजगार ही घूम रहा है। सरकार की तरफ से पिछले 25 वर्षों से कोई भर्ती नहीं निकाली गई है। नौकरी पर पक्के नहीं होने के कारण लॉकडाउन में बहुत से गेस्ट फैकल्टी को नौकरी से निकाला भी गया। -बलविंदर सिंह, गेस्ट फैकल्टी
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