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ट्रिब्यून चौक पर सिग्नल फ्री इंटरचेंज का प्रस्ताव रद्द, आज हाईकोर्ट में सुनवाई

Wed, 12 Feb 2020 02:18 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 12 Feb 2020 02:18 AM IST
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Proposal for signal free interchange at Tribune Chowk canceled, hearing in High Court today
चंडीगढ़। ट्रिब्यून चौक पर लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए शहर के स्ट्रक्चरल इंजीनियर तरुण माथुर की तरफ से दिए गए ‘सिग्नल फ्री इंटरचेंज’ के प्रस्ताव को प्रशासन ने रद्द कर दिया है। यूटी प्रशासन की टेक्निकल कमेटी के सामने तरुण माथुर ने एक प्रेजेंटेशन दिया था। प्रस्ताव में कई कमियों का हवाला देकर उसे रद्द कर दिया गया है। वहीं ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर बुधवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई भी होगी।
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यूटी प्रशासन की टेक्निकल कमेटी का तर्क है कि प्रस्ताव के तहत इंटरचेंज के मोड़ काफी तीखे हैं जो नेशनल हाईवे के मानदंड को पूरा नहीं करते हैं। साथ ही इसके लिए काफी भूमि अधिग्रहण की जरूरत होगी। लोगों की तरफ से दिए गए सुझाव में यह आखिरी था, जिस पर प्रशासन गंभीरता से विचार कर रहा था, लेकिन अब उसे भी रद्द कर दिया गया है। ट्रिब्यून फ्लाईओवर के लिए प्रशासन की तरफ से रखे गए कंसल्टेंट कंपनी स्टूप और टेक्निकल कमेटी के सदस्यों का कहना है कि तरुण माथुर की तरफ से बनाए गए प्रस्ताव में इंटरचेंज के मोड़ काफी तीखे हैं। इनके दायरे को दोगुना करने की जरूरत है क्योंकि वे नेशनल हाईवे के नियमों को पूरा नहीं करते हैं। अगर मोड़ को चौड़ा किया जाता है तो प्रशासन को पूरे प्रोजेक्ट के लिए काफी भूमि अधिग्रहण करने की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि पूरे प्रोजेक्ट का क्षेत्र दोगुना हो जाएगा। इसमें पेप्सू और ट्रिब्यून की भी जमीन प्रशासन को लेनी पड़ेगी।
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23 दिसंबर को प्रशासन ने यूटी गेस्ट हाउस में की थी जन सुनवाई
यूटी प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेशों पर ट्रिब्यून चौक पर फ्लाईओवर की जगह अन्य विकल्प तलाशने के लिए शहरवासियों से उनकी राय मांगी थी। सार्वजनिक सुनवाई के दौरान कुल 80 लोगों ने अपने सुझाव दिए। इनमें से 72 लोगों ने लिखित और बोलकर सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं। 8 लोगों ने प्रेजेंटेशन और मॉडल के जरिये अपनी बात रखी। इनमें से ज्यादातर लोग फ्लाईओवर के खिलाफ थे। मॉडल बनाकर लाए गए लोगों को अगले दिन इंजीनियरिंग विभाग ने अपने दफ्तर बुलाया। इसके बाद एक वित्त सचिव अजॉय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक टेक्निकल कमेटी का गठन किया, जिसने सभी 8 मॉडल को देखा। कमेटी ने 7 प्रस्तावों को रद्द कर एक तरुण माथुर के सिग्नल फ्री इंटरचेंज को विस्तृत रुप से समझने के लिए अलग से बैठक रखी। बैठक के बाद कमेटी ने उस प्रस्ताव को भी रद्द कर दिया।
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दिल्ली के एम्स चौक के जैसा था तरुण माथुर का प्रस्ताव
तरुण माथुर ने बताया कि उनका प्रस्ताव दिल्ली में एम्स के पास स्थित चौक की तर्ज पर है। चंडीगढ़ के हेरिटेज स्टेटस को देखते हुए फ्लाईओवर ठीक नहीं है। इसलिए उनका प्रस्ताव जमीन से महज 2 मीटर ऊंचा और साढ़े 4 मीटर नीचे होगा। यह पूरी तरह से सिग्नल फ्री है। किसी भी तरफ जाने के लिए लोगों को किसी भी लाल बत्ती व कहीं भी रुकना नहीं पड़ेगा। यह ट्रैफिक को घुमा कर डायवर्ट कर देगा। इससे जाम लगने की स्थिति पैदा नहीं होगी। लोग चौक से घूमते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।

वर्जन---
मेरे प्रस्ताव के मोड़ (कर्व) की वजह से प्रशासन नेे प्रस्ताव को खारिज किया है। प्रशासन सभी चौक का सर्वे करा कर देख सकता है कि शहर के अन्य चौक का मोड़ कितना है। मैं वकील पुनीत बाली के माध्यम से हाईकोर्ट को अपने इस प्रस्ताव के बारे में और इस प्रस्ताव पर प्रशासन के रुख के बारे में जानकारी दूंगा।
- तरुण माथुर, स्ट्रक्चरल इंजीनियर
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