फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Property worth Rs 3.05 crore of clerk and accountant seized in embezzlement of Rs 56 crore

Chandigarh News: 56 करोड़ के गबन में क्लर्क और अकाउंटेंट की 3.05 करोड़ की संपति कुर्क

Fri, 07 Jun 2024 04:37 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jun 2024 04:37 AM IST
विज्ञापन
Property worth Rs 3.05 crore of clerk and accountant seized in embezzlement of Rs 56 crore
चंडीगढ़। हरियाणा के यमुनानगर में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम में करीब 56 करोड़ के गबन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) चंडीगढ़ ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत यूएचबीवीएन यमुनानगर के लोअर डिवीजन क्लर्क राघव वधावन और मंडल अकाउंटेंट योगेश लांबा की करीब 3.05 करोड़ की चल-अचल संपतियां जब्त कर कुुर्क कर दी है। यमुनानगर के सिटी थाने में फरवरी 2022 में दर्ज धोखाधड़ी के मामले की जांच ईडी को सौंपी गई थी।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक इस मामले को लेकर क्लर्क और अकाउंटेंट के खिलाफ एक्सईएन की ओर से शिकायत दी गई थी जिसमें आरोप था कि दोनों ने यूएचबीवीएन बिलासपुर के ऑपरेशन डिवीजन में धोखाधड़ी की है। यह धोखाधड़ी दोनों अधिकारियों ने उस समय की, जव वे वहां पर सेवाएं दे रहे थे। विभागीय जांच में कुछ फर्जी वाउचर मिले थे, जिसके जरिए कई संदिग्ध लोगों के खातों में करोड़ों की ट्रांजेक्शन की गई थी। विभागीय जांच रिपोर्ट के मुताबिक चेक संख्या 522976, दिनांक 16 जून 2016, जिसकी राशि तीन लाख 64 हजार 551 रुपये गुलजार सिंह के नाम, चेक संख्या 981139, दिनांक 12 अगस्त 2016, जिसकी राशि 33 लाख 5 हजार 428 रुपये गुलजार सिंह के नाम, चेक संख्या 982138, दिनांक 31 अगस्त 2016 राशि 8 लाख 68 हजार 282 रुपये गुलजार सिंह के नाम, चेक संख्या 981191 दिनांक 29 अगस्त 2016 राशि 9 लाख 38 हजार 622 कंवलजीत कौर के नाम पर जारी किए गए थे। इस मामले में 21 फरवरी 2022 को यमुनानगर के सिटी थाने में दोनों कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। संवाद
विज्ञापन

ईडी की जांच में खुली फर्जीवाड़े की पोल : यह मामला सरकारी खातों में गबन से जुड़ा होने के कारण इसकी जांच ईडी चंडीगढ़ को सौंपी गई थी। ईडी की जांच में पता चला कि यूएचबीवीएन, यमुनानगर के अधिकारियों ने फर्जी वाउचर तैयार किए और इन फर्जी भुगतान वाउचर के आधार पर उन्होंने चेक तैयार किए। बाद में विभिन्न राशि के चेक अपात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा करवा दिए गए। जांच में यह भी पता चला कि 1297 गैर-वास्तविक लाभार्थियों (244 एसबीआई खाते और 1053 गैर-एसबीआई) के बैंक खातों में धोखाधड़ी से पैसे जमा किए गए थे। जिन लोगों के खातों में यूएचबीवीएन से धनराशि ग्रेच्युटी और एरियर के फर्जी भुगतान के लिए जमा की है, उनके बैंक स्टेटमेंट से पता चला कि जमा की गई राशि को बाद की तारीखों में बैंक से नकद निकाल लिया गया। इसमें करीब 56 करोड़ का गबन सामने आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article