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निकाय विभाग को चूना: पंजाब पुलिस ने कई साल से नहीं भरा प्रॉपर्टी टैक्स, विभाग की डिफाल्टर सूची में आया नाम
Sun, 16 Oct 2022 03:10 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 16 Oct 2022 03:10 PM IST
सार
निकाय विभाग की तरफ साल 2014-15 में प्रॉपर्टी टैक्स की शुरुआत की गई थी। हर साल अप्रैल में प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करना होता है। शुरुआती कुछ महीनों में टैक्स भुगतान करने पर निकाय विभाग द्वारा 10 फीसदी तक छूट दी जाती है।
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पंजाब पुलिस
- फोटो : amar ujala
विस्तार
पंजाब पुलिस की वजह से निकाय विभाग को हर साल लाखों रुपये का चूना लग रहा है। सुनने में थोड़ा हैरान करने वाली बात जरूर लग रही है, लेकिन यह हकीकत है। दरअसल पंजाब पुलिस की तरफ से कई साल से निकाय विभाग का प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा जा रहा है। निकाय विभाग के पास पंजाब पुलिस का नाम डिफॉल्टर सूची में है। हालांकि राज्य में सरकार बदलने के साथ ही अब निकाय विभाग को भी प्रॉपर्टी टैक्स वसूली की उम्मीद जगी है। साथ ही विभाग ने टैक्स की वसूली के लिए नए सिरे से काम शुरू किया है।
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निकाय विभाग की तरफ साल 2014-15 में प्रॉपर्टी टैक्स की शुरुआत की गई थी। हर साल अप्रैल में प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करना होता है। शुरुआती कुछ महीनों में टैक्स भुगतान करने पर निकाय विभाग द्वारा 10 फीसदी तक छूट दी जाती है। इसके बाद ब्याज के साथ टैक्स चुकाना होता है। आम लोगों से लेकर सभी सरकारी विभागों के लिए टैक्स चुकाने के नियम एक समान है।
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इस पैसे से ही इलाके में नगर निगमों व नगर काउंसिलों के विकास कार्य होते हैं। अधिकतर विभागों द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान समय से कर दिया जाता है लेकिन पुलिस विभाग द्वारा इस दिशा में कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस वजह से निकाय विभाग को दिक्कत उठानी पड़ रही है।
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वहीं, इस बार प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर विभाग के थिंक टैंक में मंथन शुरू हो चुका है। साथ ही अब प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए सारा खाका तैयार कर लिया है। यहां तक कि इस मामले को विभाग के मंत्री के सामने भी उठाया गया। सूत्रों की माने तो अब इस मामले को निपटाने के लिए पूरी रणनीति से काम होगा। उम्मीद है कि दो राज्यों में होने वाले चुनाव के बाद इस दिशा में काम में होगा।
मोहाली से लेकर लुधियाना तक.. स्थिति एक जैसी
पुलिस द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने के मामले में मोहाली से लेकर आबादी के हिसाब से सबसे बड़े जिले लुधियाना तक स्थिति एक जैसी है। किसी भी जिले में प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी नहीं हुई। सभी नगर काउंसिल और नगर निगम अपने अधीन आती पुलिस की प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड बनाकर रखती है। मोहाली नगर निगम पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इसी तरह की स्थिति लुधियाना और जालंधर की है। सूत्रों के अनुसार, अगर पुलिस का सही पैसा आ जाए तो विकास में कमी नहीं आएगी।
कई जिलों ने पैमाइश करवाई, फिर बजट का दिया तर्क
सूत्रों के अनुसार, कुछ समय पहले जब निकाय विभाग की तरफ से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने को लेकर सख्ती की थी तो उस समय कुछ जिलों में पुलिस विभाग ने प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने के लिए अपनी प्रॉपर्टी की पैमाइश तक करवाई थी। साथ ही अपने प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन तक करवाया था लेकिन बाद में पंजाब पुलिस ने बजट में प्रॉपर्टी टैक्स का प्रावधान न होने का तर्क दिया था।
पुलिस समेत सभी सरकारी विभागों से प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए निकाय विभाग गंभीर है। इस संबंधी पत्राचार से लेकर अन्य कदम उठाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्दी ही प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने में कामयाबी मिलेगी। - पुनीत गोयल, डायरेक्टर स्थानीय निकाय विभाग पंजाब