{"_id":"64d5e070b750053c8e045633","slug":"property-owners-of-more-than-200-square-yards-will-also-get-compensation-for-flood-damage-in-haryana-2023-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा ने बदली पांच साल पुरानी नीति: बाढ़ से शहरों में 200 वर्ग गज से अधिक के नुकसान पर भी मिलेगा मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा ने बदली पांच साल पुरानी नीति: बाढ़ से शहरों में 200 वर्ग गज से अधिक के नुकसान पर भी मिलेगा मुआवजा
Fri, 11 Aug 2023 03:34 PM IST
निवेदिता वर्मा
नसीब सैनी, अमर उजाला, चंडीगढ़
नसीब सैनी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 11 Aug 2023 03:34 PM IST
सार
नगर निकाय विभाग ने वर्ष 2017 में जारी की गई बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए नीति में संशोधन किया है। संशोधित नीति में कहा कि बाढ़ के चलते इस बार लोगों का काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में पांच साल पहले की इस नीति में व्यावसायिक संपत्ति मामले में अधिकतम 200 वर्ग गज तक के नुकसान की भरपाई के नियम में बदलाव किया है।
विज्ञापन
बाढ़ की चपेट में कुरुक्षेत्र।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा सरकार ने जुलाई में कई जिलों में आई बाढ़ से शहरों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए पांच साल पुरानी नीति में बदलाव किया है। अब 200 वर्ग गज से अधिक के संपत्ति मालिकों को भी बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा मिलेगा। इसके लिए सरकार ने संशोधित नीति जारी कर दी है। नगर निकायों में कमेटी गठन के आदेश जारी किए हैं, जो क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आने वाले लोगों के आवेदनों की जांच कर सात दिन में विभाग मुख्यालय को भेजेंगे। सरकार ने नियमानुसार आवेदनों पर फैसला लेकर पात्र लोगों को मुआवजा जारी करने के लिए भी कहा है।
पिछले महीने मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहरों में भी बाढ़ राहत के लिए मुआवजा देने की घोषणा की थी। इसके बाद नगर निकाय विभाग ने वर्ष 2017 में जारी की गई बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए नीति में संशोधन किया है। संशोधित नीति में कहा कि बाढ़ के चलते इस बार लोगों का काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में पांच साल पहले की इस नीति में व्यावसायिक संपत्ति मामले में अधिकतम 200 वर्ग गज तक के नुकसान की भरपाई के नियम में बदलाव किया है।
यह भी पढ़ें: दरिंदा बना पिता: दो दिन से लापता बेटी घर लौटी तो मार डाला, फिर लाश को बाइक से बांधकर पूरे गांव में घसीटा
विज्ञापन
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर करना होगा आवेदन
अब 200 वर्ग गज से अधिक की संपत्ति के नुकसान के लिए भी आवेदन किया जा सकेगा। नुकसान की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदनकर्ता के पास परिवार पहचान पत्र, प्रॉपर्टी आईडी, जरूरी है तो जीएसटी नंबर, संपत्ति के मालिकाना हक के कागजात जमा करवाने होंगे। नगर निकायों में नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका में अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की समितियों के गठन का आदेश दिया है। ये समितियां सात दिन में आवेदनों पर फैसला लेंगी। इसके बाद विभाग मुख्यालय में पात्र लोगों की सूची भेजी जाएगी। ताकि जल्द से जल्द पात्र लोगों को मुआवजा जारी किया जा सके।
नुकसान की भरपाई के लिए दरें निर्धारित (रिहायशी चल एवं अचल संपत्ति)
चल संपत्ति- मशीन, प्लांट, वाहन, स्टॉक आदि
नुकसान प्रतिशत अधिकतम
पांच लाख तक 80 प्रतिशत
पांच से दस लाख 70 प्रतिशत
10 से 20 लाख 60
20 से 50 40
50 लाख से एक करोड़ 30 प्रतिशत
एक से डेढ़ करोड़ तक 20 प्रतिशत
(अधिकतम 50.50 लाख)
अचल संपत्ति- व्यावसायिक भवन
एक लाख तक 100 प्रतिशत
एक से दो लाख 75 प्रतिशत
दो से तीन लाख 60 प्रतिशत
तीन से पांच लाख 50 प्रतिशत
पांच से सात लाख 40 प्रतिशत
सात से 25 लाख 30 प्रतिशत
विज्ञापन
पिछले महीने मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहरों में भी बाढ़ राहत के लिए मुआवजा देने की घोषणा की थी। इसके बाद नगर निकाय विभाग ने वर्ष 2017 में जारी की गई बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए नीति में संशोधन किया है। संशोधित नीति में कहा कि बाढ़ के चलते इस बार लोगों का काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में पांच साल पहले की इस नीति में व्यावसायिक संपत्ति मामले में अधिकतम 200 वर्ग गज तक के नुकसान की भरपाई के नियम में बदलाव किया है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: दरिंदा बना पिता: दो दिन से लापता बेटी घर लौटी तो मार डाला, फिर लाश को बाइक से बांधकर पूरे गांव में घसीटा
विज्ञापन
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर करना होगा आवेदन
अब 200 वर्ग गज से अधिक की संपत्ति के नुकसान के लिए भी आवेदन किया जा सकेगा। नुकसान की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदनकर्ता के पास परिवार पहचान पत्र, प्रॉपर्टी आईडी, जरूरी है तो जीएसटी नंबर, संपत्ति के मालिकाना हक के कागजात जमा करवाने होंगे। नगर निकायों में नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका में अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की समितियों के गठन का आदेश दिया है। ये समितियां सात दिन में आवेदनों पर फैसला लेंगी। इसके बाद विभाग मुख्यालय में पात्र लोगों की सूची भेजी जाएगी। ताकि जल्द से जल्द पात्र लोगों को मुआवजा जारी किया जा सके।
नुकसान की भरपाई के लिए दरें निर्धारित (रिहायशी चल एवं अचल संपत्ति)
चल संपत्ति- मशीन, प्लांट, वाहन, स्टॉक आदि
नुकसान प्रतिशत अधिकतम
पांच लाख तक 80 प्रतिशत
पांच से दस लाख 70 प्रतिशत
10 से 20 लाख 60
20 से 50 40
50 लाख से एक करोड़ 30 प्रतिशत
एक से डेढ़ करोड़ तक 20 प्रतिशत
(अधिकतम 50.50 लाख)
अचल संपत्ति- व्यावसायिक भवन
एक लाख तक 100 प्रतिशत
एक से दो लाख 75 प्रतिशत
दो से तीन लाख 60 प्रतिशत
तीन से पांच लाख 50 प्रतिशत
पांच से सात लाख 40 प्रतिशत
सात से 25 लाख 30 प्रतिशत