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राजा नाभ कंवल साहिब के डेरे में मर्यादा का ठीक से पालन नहीं: ज्ञानी रघबीर सिंह

Mon, 19 Jan 2026 08:17 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 08:17 PM IST
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Proper decorum is not being observed at Raja Nabha Kanwal Sahib's camp: Giani Raghbir Singh
संवाद न्यूज एजेंसी
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अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार एवं श्री हरिमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने राजा नाभ कंवल साहिब के डेरे में मर्यादा के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जहां मर्यादा का ठीक से पालन नहीं होता, वहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश का कोई औचित्य नहीं है। ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि 328 पवित्र स्वरूपों के मामले में एसआईटी गठन से पहले दर्ज एफआईआर के समय ही उन्होंने मांग की थी कि पूरे प्रकरण की सच्चाई संगत के सामने लाई जाए। हालिया जांच में एसआईटी द्वारा डेरे से करीब 169 पवित्र स्वरूपों की पहचान की गई है, जो चिंताजनक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा को पूरी संगत स्वीकार करती है। किसी भी स्थान पर पवित्र स्वरूप देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि वहां मर्यादा के अनुसार प्रकाश संभव है या नहीं। स्थल की जांच, आवश्यक व्यवस्थाएं और कमियों का आकलन एक तय प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि गुरु साहिब के सम्मान में कमी पाई जाती है तो वहां पवित्र स्वरूप नहीं दिया जाना चाहिए। इस संवेदनशील मुद्दे पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
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पांच सिंह साहिबानों के फैसले को रद्द करना पंथक प्रणाली पर हमला: प्रो. सरचांद
सिख चिंतक एवं भाजपा पंजाब के प्रवक्ता प्रो. सरचांद सिंह ने पांच सिंह साहिबानों के फैसले को कार्यकारी जत्थेदार की ओर से एकतरफा रद्द किए जाने पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने इसे पंथक प्रणाली और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता पर सीधा हमला करार दिया। प्रो. सरचांद ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष से पत्र के माध्यम से हस्तक्षेप की मांग करते हुए ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज की गैर-सिद्धांतक और मर्यादा-विरोधी कार्रवाइयों पर जवाब तलब करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में पांच सिंह साहिबानों द्वारा यूके से जुड़े मनवीर सिंह मन्ना पर लगाए गए प्रतिबंध को बिना पंथिक प्रक्रिया अपनाए हटाना परंपराओं का उल्लंघन है। प्रो. सरचांद ने ज्ञानी गड़गज्ज को पद से हटाकर सिद्धांतक परिपक्वता वाले गुरसिख को स्थायी जत्थेदार नियुक्त करने की मांग भी दोहराई।
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