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प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट की तैयारी शुरू
अमर उजाला मोहाली
Updated Mon, 30 Dec 2013 11:30 AM IST
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प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टमेंट समिट की सफलता से उत्साहित सरकार ने अब प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
यह समिट 16-19 फरवरी-14 को चप्पड़चिड़ी में कराया जाना है। शनिवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आला अफसरों के साथ चप्पड़चिड़ी पहुंच कर तैयारियों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने वहीं पर अधिकारियों के साथ मीटिंग की। उन्होंने हिदायत दी कि समिट के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
इसमें करीब पंद्रह हजार प्रगतिशील किसान, खेतीबाड़ी माहिर और खेतीबाड़ी से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सीएम ने कहा कि इस आयोजन का मकसद राज्य में खेतीबाड़ी सेक्टर को प्रोत्साहित करना है।
आज के दौर में खेतीबाड़ी एक फायदेमंद धंधा नहीं रहा। इसलिए किसानों को फसल विभिन्नता के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हिदायत दी कि समिट में हिस्सा लेने वाले सभी प्रगतिशील किसानों के रहने आदि का अच्छा इंतजाम किया जाए, ताकि उन्हें कोई समस्या न आए। समिट के दौरान होने वाले सेशंस में किसानों के सुझाव भी लिए जाएं।
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यही सेशंस राज्य में खेतीबाड़ी विकास की नींव रखेंगे। जिनमें डेयरी और अन्य सहायक धंधों पर खास ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
इस मौके पर फाइनांशियल कमिश्नर (विकास) सुरेश कुमार, प्रमुख सचिव एसके संधू, विशेष प्रमुख सचिव गगनदीप सिंह बराड़, खेतीबाड़ी सचिव केएस पन्नू, मंडी बोर्ड के सचिव दीपइंदर सिंह और डिप्टी कमिश्नर टीपीएस सिद्धू भी मौजूद थे।
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यह समिट 16-19 फरवरी-14 को चप्पड़चिड़ी में कराया जाना है। शनिवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आला अफसरों के साथ चप्पड़चिड़ी पहुंच कर तैयारियों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने वहीं पर अधिकारियों के साथ मीटिंग की। उन्होंने हिदायत दी कि समिट के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
इसमें करीब पंद्रह हजार प्रगतिशील किसान, खेतीबाड़ी माहिर और खेतीबाड़ी से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सीएम ने कहा कि इस आयोजन का मकसद राज्य में खेतीबाड़ी सेक्टर को प्रोत्साहित करना है।
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आज के दौर में खेतीबाड़ी एक फायदेमंद धंधा नहीं रहा। इसलिए किसानों को फसल विभिन्नता के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हिदायत दी कि समिट में हिस्सा लेने वाले सभी प्रगतिशील किसानों के रहने आदि का अच्छा इंतजाम किया जाए, ताकि उन्हें कोई समस्या न आए। समिट के दौरान होने वाले सेशंस में किसानों के सुझाव भी लिए जाएं।
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यही सेशंस राज्य में खेतीबाड़ी विकास की नींव रखेंगे। जिनमें डेयरी और अन्य सहायक धंधों पर खास ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
इस मौके पर फाइनांशियल कमिश्नर (विकास) सुरेश कुमार, प्रमुख सचिव एसके संधू, विशेष प्रमुख सचिव गगनदीप सिंह बराड़, खेतीबाड़ी सचिव केएस पन्नू, मंडी बोर्ड के सचिव दीपइंदर सिंह और डिप्टी कमिश्नर टीपीएस सिद्धू भी मौजूद थे।