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हजारों पेड़ लगा चुके प्रो. सिद्धू का नहीं है कोई सानी, पेड़ों से बच्चों जैसे प्रेम कर हर साल मनाते हैं जन्मदिन
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चंडीगढ़। पेड़ों से हर कोई बच्चों जैसा प्रेम करे तो पर्यावरण की समस्या खत्म हो सकती है। पीयू के बॉटनी विभाग के प्रोफेसर एमसी सिद्धू से इसकी प्रेरणा ले सकते हैं। हजारों पेड़ लगा चुके प्रोफेसर एमसी सिद्धू दस साल से कम उम्र के सभी पेड़ों का जन्मदिन मनाते हैं। इसी क्रम में उन्होंने सोमवार को अपने परिसर में लगे अमलतास के पेड़ का तीसरा जन्मदिन उसी तरह मनाया जैसे बच्चों का मनाते हैं। इस जन्मदिन में कुछ शिक्षकों व बच्चों ने भी हिस्सा लिया।
27 जुलाई 2018 को प्रो. सिद्धू ने विभागीय परिसर में अमलताश का पौधा लगाया था। उसकी लंबाई लगभग छह से सात इंच थी। आज यह पौधो बड़ा हो गया है। प्रो. सिद्दू ने आज तक जितने भी पौधे लगाए उनकी देखरेख करना वह नहीं भूले। हर पेड़ का उनके पास रिकॉर्ड है।
प्रोफेसर सिद्धू के पास पेड़ों की हर बीमारी का इलाज
प्रोफेसर सिद्धू सिर्फ पेड़ ही नहीं लगाते, उनकी बीमारियों का पता लगाकर उनका इलाज भी करते हैं। उनके लगाए बहुत ही कम ही पेड़ हैं जो नष्ट हुए होंगे। उन्होंने सुखना लेक में कुछ साल पहले बड़ी संख्या में मिली बूटी के रासायनिक नाम को 24 घंटे में खोज निकाला था। उन्होंने वनस्पति पर बड़ी संख्या में रिसर्च किए हैं।
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क्या कहते हैं प्रोफेसर
प्रोफेसर सिद्धू का कहना है कि पौधे भोजन, चारा, ईंधन, फाइबर, लकड़ी और दवाएं प्रदान करते हैं। अधिकांश उल्लेखनीय, पौधे मनुष्य सहित जीवन रूपों को ऑक्सीजन देते हैं। हर साल लाखों पेड़ लगाने की न केवल समय की जरूरत है, बल्कि नियमित रूप से अधिक सावधानी से उनकी देखभाल करना है। यह निश्चित रूप से पौध की उत्तरजीविता दर में वृद्धि करेगा। यह प्रदूषण के स्तर को कम करेगा और पर्यावरण को स्वच्छ, हरा, स्वस्थ और सौंदर्यपूर्ण बना देगा। इसके बाद यह जैविक विविधता के संरक्षण में मदद करेगा।
पेड़ गोद लेने की योजना को लोकप्रिय बनाने पर जोर दिया
उन्होंने आगे चलकर पेड़ गोद लेने की योजना को लोकप्रिय बनाने पर जोर दिया। संबंधित पौधे को पालने, रखरखाव की जिम्मेदारी व्यक्ति की होनी चाहिए। स्कूल स्तर पर प्रत्येक छात्र को स्कूल में या घर या आसपास के क्षेत्र में कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
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27 जुलाई 2018 को प्रो. सिद्धू ने विभागीय परिसर में अमलताश का पौधा लगाया था। उसकी लंबाई लगभग छह से सात इंच थी। आज यह पौधो बड़ा हो गया है। प्रो. सिद्दू ने आज तक जितने भी पौधे लगाए उनकी देखरेख करना वह नहीं भूले। हर पेड़ का उनके पास रिकॉर्ड है।
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प्रोफेसर सिद्धू के पास पेड़ों की हर बीमारी का इलाज
प्रोफेसर सिद्धू सिर्फ पेड़ ही नहीं लगाते, उनकी बीमारियों का पता लगाकर उनका इलाज भी करते हैं। उनके लगाए बहुत ही कम ही पेड़ हैं जो नष्ट हुए होंगे। उन्होंने सुखना लेक में कुछ साल पहले बड़ी संख्या में मिली बूटी के रासायनिक नाम को 24 घंटे में खोज निकाला था। उन्होंने वनस्पति पर बड़ी संख्या में रिसर्च किए हैं।
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क्या कहते हैं प्रोफेसर
प्रोफेसर सिद्धू का कहना है कि पौधे भोजन, चारा, ईंधन, फाइबर, लकड़ी और दवाएं प्रदान करते हैं। अधिकांश उल्लेखनीय, पौधे मनुष्य सहित जीवन रूपों को ऑक्सीजन देते हैं। हर साल लाखों पेड़ लगाने की न केवल समय की जरूरत है, बल्कि नियमित रूप से अधिक सावधानी से उनकी देखभाल करना है। यह निश्चित रूप से पौध की उत्तरजीविता दर में वृद्धि करेगा। यह प्रदूषण के स्तर को कम करेगा और पर्यावरण को स्वच्छ, हरा, स्वस्थ और सौंदर्यपूर्ण बना देगा। इसके बाद यह जैविक विविधता के संरक्षण में मदद करेगा।
पेड़ गोद लेने की योजना को लोकप्रिय बनाने पर जोर दिया
उन्होंने आगे चलकर पेड़ गोद लेने की योजना को लोकप्रिय बनाने पर जोर दिया। संबंधित पौधे को पालने, रखरखाव की जिम्मेदारी व्यक्ति की होनी चाहिए। स्कूल स्तर पर प्रत्येक छात्र को स्कूल में या घर या आसपास के क्षेत्र में कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।