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पंजाब में प्रमुख फसलों के उत्पादन पर लगा ब्रेक, कैसे पूरा होगा पीएम का सपना?
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 09 Jun 2017 09:18 AM IST
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- फोटो : File Photo
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अनाज के कटोरे के नाम से प्रसिद्ध पंजाब की धरती अब बेबस हो रही है। देश का पेट भरने वाले पंजाब में फसल उत्पादन पर ब्रेक लग गया है। पिछले पांच साल केदौरान यहां प्रमुख फसलों का उत्पादन या तो स्थिर रहा है, या फिर घट गया है। कुछ फसलों केउत्पादन में बढ़ोतरी भी हुई है तो बेहद मामूली।
अनाज के सेंट्रल पूल में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले पंजाब के हालात ने केंद्र सरकार को भी झकझोर दिया है। हाल ही में खेतीबाड़ी पर संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने पंजाब केअधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया। हुकुम देव नारायण यादव की अगुवाई में आई कमेटी में पंजाब के राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा भी थे। कमेटी ने पंजाब में फसल उत्पादन में स्थिर पर गहरी चिंता जताई। सदस्यों ने अधिकारियों से कहा कि यहां पिछले पांच साल केदौरान उत्पादन स्थिर रहा है, कुछ फसलों का उत्पादन गिरा भी है और कुछ में मामूली बढ़ोतरी हुई है। क्या पंजाब सैचुरेशन प्वाइंट पर पहुंच गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का सपना देखा है। उत्पादन बढ़ाए बगैर वह कैसे संभव होगा। खेतीबाड़ी विभाग के अधिकारियों ने दलील दी कि दूसरे राज्य आज उत्पादन में जो स्तर प्राप्त कर रहे हैं, पंजाब काफी साल पहले ही वह हासिल कर चुका है। मंडीकरण और सही रेट न होने के कारण किसान दूसरी फसलों की तरफ नहीं जा रहे। दूसरी फसलों का एमएसपी न होने केकारण राज्य सरकार की फसली विभिन्नता की सारी कोशिशें बेकार हो रही हैं। किसान फिर गेहूं-धान के फसल चक्र में फंसे हैं, जिसमें उत्पादन और बढ़ना संभव नहीं है।
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गेहूं का औसत उत्पादन बीस क्विंटल प्रति एकड़ है, जिसे अधिकतम दो क्विंटल और बढ़ाया जा सकता है। धान उत्पादन साठ क्विंटल प्रति एकड़ है, उसमें और बढ़ोतरी मुश्किल है। कमेटी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कीटनाशक, खाद आदि के इस्तेमाल को घटाकर किसानों की लागत कम करने का प्रयास करें। माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा दें।
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अनाज के सेंट्रल पूल में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले पंजाब के हालात ने केंद्र सरकार को भी झकझोर दिया है। हाल ही में खेतीबाड़ी पर संसद की स्टैंडिंग कमेटी ने पंजाब केअधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया। हुकुम देव नारायण यादव की अगुवाई में आई कमेटी में पंजाब के राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा भी थे। कमेटी ने पंजाब में फसल उत्पादन में स्थिर पर गहरी चिंता जताई। सदस्यों ने अधिकारियों से कहा कि यहां पिछले पांच साल केदौरान उत्पादन स्थिर रहा है, कुछ फसलों का उत्पादन गिरा भी है और कुछ में मामूली बढ़ोतरी हुई है। क्या पंजाब सैचुरेशन प्वाइंट पर पहुंच गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का सपना देखा है। उत्पादन बढ़ाए बगैर वह कैसे संभव होगा। खेतीबाड़ी विभाग के अधिकारियों ने दलील दी कि दूसरे राज्य आज उत्पादन में जो स्तर प्राप्त कर रहे हैं, पंजाब काफी साल पहले ही वह हासिल कर चुका है। मंडीकरण और सही रेट न होने के कारण किसान दूसरी फसलों की तरफ नहीं जा रहे। दूसरी फसलों का एमएसपी न होने केकारण राज्य सरकार की फसली विभिन्नता की सारी कोशिशें बेकार हो रही हैं। किसान फिर गेहूं-धान के फसल चक्र में फंसे हैं, जिसमें उत्पादन और बढ़ना संभव नहीं है।
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गेहूं का औसत उत्पादन बीस क्विंटल प्रति एकड़ है, जिसे अधिकतम दो क्विंटल और बढ़ाया जा सकता है। धान उत्पादन साठ क्विंटल प्रति एकड़ है, उसमें और बढ़ोतरी मुश्किल है। कमेटी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कीटनाशक, खाद आदि के इस्तेमाल को घटाकर किसानों की लागत कम करने का प्रयास करें। माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा दें।
कैसे पूरा होगा किसानों की आय दोगुनी करने का पीएम का सपना
किसान
- फोटो : File Photo
फसल/वर्ष - 2011-12 - 2012-13 - 2013-14 - 2014-15 - 2015-16 - 2016-17
(उत्पादन 000 टन में)
धान ------10606 --- 11390 --- 11267 --- 11107 --- 11823 -- 10840
गेहूं ------ 18012 --- 16614 --- 17620 --- 15195 --- 16074 -- 16550
कपास ----- 1624 --- 1627 ----- 1495 ---- 1342 ---- 393 --- 1765
गन्ना ------ 5653 --- 5848 ----- 6675 ---- 7058 ---- 6607 -- 7500
सूरजमुखी --- 25.8 --- 23.7 ----- 18.7 ----- 16 ------ 13 ---- 36
आलू ----- 2103974 - 2132307 - 2189160 -- 2262404
प्याज ----- 182689 -- 183654 -- 185395 -- 188175
मटर ----- 200943 -- 208171 -- 210856 --- 228074
मिर्च ------ 17979 -- 13181 --- 11788 ---- 16641
संतरा ----- 22885 --- 22165 --- 21457 ---- 21910
किन्नू ----- 915005 -- 988633 -- 1017725 -- 1108618
(उत्पादन 000 टन में)
धान ------10606 --- 11390 --- 11267 --- 11107 --- 11823 -- 10840
गेहूं ------ 18012 --- 16614 --- 17620 --- 15195 --- 16074 -- 16550
कपास ----- 1624 --- 1627 ----- 1495 ---- 1342 ---- 393 --- 1765
गन्ना ------ 5653 --- 5848 ----- 6675 ---- 7058 ---- 6607 -- 7500
सूरजमुखी --- 25.8 --- 23.7 ----- 18.7 ----- 16 ------ 13 ---- 36
आलू ----- 2103974 - 2132307 - 2189160 -- 2262404
प्याज ----- 182689 -- 183654 -- 185395 -- 188175
मटर ----- 200943 -- 208171 -- 210856 --- 228074
मिर्च ------ 17979 -- 13181 --- 11788 ---- 16641
संतरा ----- 22885 --- 22165 --- 21457 ---- 21910
किन्नू ----- 915005 -- 988633 -- 1017725 -- 1108618