पंजाब में बेकाबू हालात अब ऐसे किए जाएंगे काबू, गहन मंथन शुरू
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पंजाब में दिन ब दिन बेकाबू हो रहे हालातों को काबू करने के लिए मंथन का दौर शुरू हो गया है। इसके लिए आपात बैठक बुलाई गई। इसमें सरकारी अमले ने मौजूदा हालातों पर गहन मंत्रणा की। ये बैठक मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने आवास पर बुलाई। इसमें पंथक मुद्दे से जूझ रहे सूबे में दोबारा शांतिपूर्ण माहौल कायम करने के लिए सुझाव मांगे गए।
हालांकि पार्टी का कहना है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर पश्चाताप के लिए प्रदेश भर में अखंड पाठ कार्यक्रमों की शुरुआत की रूपरेखा तय करना ही बैठक का उद्देश्य था। शाम को हुई मीटिंग से पहले ही शिअद के कुछ वरिष्ठ नेता सीएम आवास पर पहुंच चुके थे।
दो घंटे तक चली बैठक के बाद सभी नेता वहां मौजूद मीडिया कर्मियों से यह कहकर चले गए कि वे बैठक में हुई चर्चा के बिंदुओं पर कुछ नहीं कहना चाहते। सीएम के मीडिया एडवाइजर हरचरण सिंह बैंस मीडिया के रूबरू हुए।
उन्होंने कहा कि बैठक श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर पश्चाताप के सिलसिले में बुलाई गई थी। कोर कमेटी ने ऐसी घटना को दुखद बताया है। साथ ही फैसला लिया है कि पश्चाताप के लिए जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर अखंड पाठ कराए जाएं।
बादल ने मांगें हालातों से निपटने के लिए सुझाव
दूसरी ओर सूत्र बताते हैं कि मीटिंग में पंजाब के मौजूदा हालातों से निपटने के लिए नेताओं से सुझाव मांगे गए। पंथक मुद्दा पार्टी के समक्ष अहम चुनौती बना हुआ है। ऐसे में इस हालात से निपटने का रास्ता खोजने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
सोमवार को फिर से होनी है बैठक
एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने सोमवार को चंडीगढ़ में दोबारा एग्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग बुलाई है। उधर, इससे पहले शनिवार को हुई शिअद कोर कमेटी की मीटिंग में सीएम बादल के नजदीकी समझे जाने वाले एग्जीक्यूटिव कमेटी के आठ एसजीपीसी सदस्य भी मौजूद रहे।
बैठक में ये सभी नेता हुए शामिल
बैठक में उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींडसा, राज्यसभा सदस्य बलविंदर सिंह भुंदड़, लोकसभा सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़, शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा, रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा, कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह, सुच्चा सिंह लंगाह, सेवा सिंह सेखवां, पूर्व एसजीपीसी अध्यक्ष किरपाल सिंह बडूंगर, पूर्व एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर, एसजीपीसी एग्जिक्यूटिव सदस्यों में केवल सिंह बादल, रघुजीत सिंह विर्क, रामपाल सिंह बेनीवाल, गुरबचन सिंह करमूवाला, मोहन सिंह बंगी, सुरजीत सिंह गड़ी, दयाल सिंह कोलियांवाली व सूबा सिंह डबवाली शामिल हुए।