फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Problems like infertility can be avoided by changing lifestyle research is going on at Chandigarh PGI

सेहत: संतान सुख चाहते हैं तो बदल डालिए अपनी जीवनशैली, इन बातों का रखें ख्याल; चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा शोध

Sat, 27 Jul 2024 04:17 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 27 Jul 2024 04:17 AM IST
सार

पीजीआई के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रो. शालिनी ने बताया कि लाइफ स्टाइल मोडिफिकेशन पर शोध चल रहा है। इसके शुरुआती परिणाम काफी अच्छे हैं। इसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि युवा वर्ग इसका पालन कर बांझपन जैसी समस्या से बच सकता है।

विज्ञापन
Problems like infertility can be avoided by changing lifestyle research is going on at Chandigarh PGI
चंडीगढ़ पीजीआई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खान-पान और रहन-सहन में बदलाव कर बांझपन जैसी स्थिति से खुद को बचाया जा सकता है। यह महिला और पुरुष दोनों पर समान रूप से लागू हो रहा है। इस बढ़ते मर्ज पर काबू पाने के लिए पीजीआई के विशेषज्ञ दवाओं के साथ जीवन शैली में बदलाव कर दंपतियों को संतान सुख दिला रहे हैं। बांझपन की बढ़ती शिकायत को देखते हुए पीजीआई का स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग फिजियोथैरेपी और आहार विज्ञान के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसमें संतान सुख से वंचित दंपतियों पर लाइफ स्टाइल मोडिफिकेशन थैरेपी का उपयोग कर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा रहे हैं। 

विज्ञापन


पीजीआई के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रो. शालिनी ने बताया कि लाइफ स्टाइल मोडिफिकेशन पर शोध चल रहा है। इसके शुरुआती परिणाम काफी अच्छे हैं। इसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि युवा वर्ग इसका पालन कर बांझपन जैसी समस्या से बच सकता है। प्रो. शालिनी का कहना है कि महिलाओं के साथ पुरुषाें में भी बांझपन तेजी से बढ़ रहा है। अगर पीजीआई की बात करें तो पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों से इसकी पुष्टि हो रही है इसलिए इस समस्या को लेकर गंभीर होने की जरूरत है। वहीं, अच्छी बात यह है कि जरा सा बदलाव कर बचा जा सकता है। 
विज्ञापन


इन बातों का रखें ख्याल

  • पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें।
  • स्मोकिंग और शराब के सेवन से बचें।
  • नियमित एक्सरसाइज और योग का अभ्यास करें।
  • शरीर के वजन को सामान्य बनाए रखें।
  • चिंता, तनाव, अवसाद और अनिद्रा जैसी समस्याओं का प्रबंधन करें।
  • अच्छी और पर्याप्त नींद लें।
  • जंक, प्रोसेस्ड, मीठे, पैकेज्ड फूड्स और कैफीन युक्त ड्रिंक्स जैसे सोडा, एनर्जी ड्रिंक, चाय-कॉफी के सेवन कम करें। 
  • विज्ञापन
    विज्ञापन

बांझपन : पीजीआई में मामले
वर्ष        पुरुष    महिला
2023    1433    1359
2022    1425    809
2021    956    229

पीजीआई जगा रहा उम्मीद
प्रो. शालिनी ने बताया कि संस्थान में लगभग 18 साल से इनफर्टिलिटी क्लीनिक संचालित है। यहां ओपीडी में प्रतिदिन 90 से 100 मरीजों को परामर्श दिया जा रहा है। इसमें महिला-पुरुष का अनुपात 30 और 70 का है। प्रो. शालिनी ने बताया कि पीजीआई में आईवीएफ पर कुल 70 से 80 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। इसमें 40 हजार रुपये फीस है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed