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सबसे बड़ा मुद्दा: पंजाब में बढ़ रही बेरोजगारों की फौज, रोजगार मेलों से भी नहीं खत्म हो रहे नौकरी के झमेले
Wed, 10 Apr 2024 12:43 PM IST
निवेदिता वर्मा
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 10 Apr 2024 12:43 PM IST
सार
पंजाब के रोजगार सृजन विभाग के अनुसार पंजाब में नौकरी की तलाश में 20,75,978 लोग हैं। ये वे हैं, जिन्होंने विभाग के पास नौकरी के लिए पंजीकरण कराया है। असल में बेरोजगारों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। विभाग के अनुसार 39,115 सरकारी नौकरियां इस समय उपलब्ध हैं। इसी तरह निजी क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों की संख्या 10,703 है।
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unemployment
विस्तार
देश के अन्य राज्यों की तरह पंजाब में भी बेरोजगारी की समस्या गंभीर रूप धारण करती जा रही है। नौकरी की तलाश में सूबे के युवा विदेश भाग रहे हैं। केंद्र के साथ ही राज्य सरकार भी रोजगार देने के दावे तो कर रही है, लेकिन इसका कुछ खास परिणाम देखने को नहीं मिल रहा।
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इसका अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि निजी क्षेत्र भी नौकरी की मांग को पूरा नहीं कर पा रहा है। पंजाब सरकार की तरफ से रोजगार मेले लगाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन ये मेले भी युवाओं के नौकरी के झमेले खत्म नहीं कर पा रहे हैं।
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पंजाब सरकार ने अब तक करीब 43 हजार नौकरियां देने का दावा किया है। विश्वविद्यालयों, कॉलेजों व अलग-अलग स्तर पर रोजगार मेले लगाए जा रहे हैं। कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को नौकरी के लिए सक्षम बनाया जा सके। लेकिन जिस तरह से लगातार बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है, यह नाकाफी है। पंजाब के बड़ी संख्या में युवा काम की तलाश में कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों का रुख कर रहे हैं।
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जानकारों का कहना है कि रोजगार मेलों में 5-10 फीसदी युवाओं को नौकरी मिल रही है। साथ ही ज्यादातर युवा ऐसी नौकरी से संतुष्ट नहीं होते हैं। योग्यता के अनुसार पद व वेतन नहीं मिलता है, जिसके चलते वह काम करने में असमर्थ होते हैं। पढ़ाई पर लाखों रुपये लगाने के बाद भी रोजगार नहीं मिलने से युवा निराश हो रहे हैं।
पंजाब में बेरोजगारी दर घटी, पर राष्ट्रीय औसत से अब भी ज्यादा
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की तरफ से दिसंबर माह में बेरोजगारी दर को लेकर संसद में रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें सामने आया था कि पंजाब में बेरोजगारी दल पहले कम जरूर हुई है, लेकिन अभी भी यह राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी दर से अधिक है। वर्ष 2022-23 में 15 वर्ष व इससे अधिक आयु के लोगों में राष्ट्रीय बेरोजगारी दर जहां 3.2 प्रतिशत रही, वहीं पंजाब में यह दर 6.1 प्रतिशत है। इसी तरह वर्ष 2021-22 में राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत थी, जबकि पंजाब में ये दर 6.4 प्रतिशत दर्ज की गई। वर्ष 2018-19 में बेरोजगारी दर 7.4, वर्ष 2019-20 में 7.3 और 2020-21 में 6.2 प्रतिशत दर्ज की गई थी।
2022-2023 में 16.9 फीसदी स्नातक बेरोजगार
पंजाब की श्रम बल भागीदारी दर 2021-22 में 41.3 फीसदी की तुलना में 2022-2023 में 42.3 फीसदी थी, जबकि श्रमिक जनसंख्या अनुपात 2022-23 में 38.6 फीसदी से बढ़कर 39.7 फीसदी हो गया। इस अवधि के दौरान 16.9 फीसदी स्नातक बेरोजगार थे और स्नातकोत्तर या उच्च शिक्षा वाले 8.4 फीसदी व्यक्तियों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ा। माध्यमिक शिक्षा स्तर या उससे अधिक वाले युवाओं में बेरोजगारी दर 10.4 फीसदी थी। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के बीच उनकी उच्चतम शिक्षा स्तर के आधार पर वर्गीकृत बेरोजगारी दर के विश्लेषण से पता चला कि डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स वाले 17 फीसदी युवा इस दौरान बेरोजगार थे। जुलाई 2021 से जून 2022 के बीच, राज्य में स्नातकोत्तर के लिए बेरोजगारी दर 11.1 फीसदी बताई गई थी स्नातक और स्नातकोत्तर की योग्यता वाले 18.9 फीसदी बेरोजगार थे, जबकि डिप्लोमा धारकों के बीच बेरोजगारी की दर 11.7 फीसदी थी। डिप्लोमा धारकों के लिए 15.1 फीसदी थी। देश के स्तर पर स्नातक युवाओं के बीच रोजगार दर 13.4 फीसदी थी, जबकि स्नातकोत्तर और समकक्ष योग्यता वाले युवाओं के लिए यह 12.1 फीसदी और डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स करने वालों के लिए 12.2 फीसदी थी।
घर-घर नौकरी का वादा नहीं हुआ पूरा
बेरोजगारी साझा मोर्चा के संयोजक सुखविंदर सिंह का कहना है कि पिछले काफी समय से सरकारें घर-घर रोजगार देने का वादा कर रही हैं, लेकिन उसको पूरा नहीं कर रही हैं। शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग में सबसे अधिक पद खाली पड़े हैं, उनको भरने को लेकर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट देने की मांग भी पूरी नहीं की जा रही है। जब सरकार कोई भर्ती निकालती भी है, उतने समय में भर्ती का इंतजार करके युवाओं की उम्र ही निकल जाती है। सरकार को नियमों में बदलाव करने की जरूरत है।
पड़ोसी राज्यों के मुकाबले स्थिति
जून 2023 के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में पंजाब के समान बेरोजगारी दर 6.1 फीसदी है। स्नातकों में 2.6 फीसदी और स्नातकोत्तर में यह 0.3 फीसदी है। हिमाचल प्रदेश में बेरोजगारी दर 4.3 फीसदी है। 14.8 फीसदी स्नातक बेरोजगार हैं, जबकि स्नातकोत्तर और उससे अधिक योग्यता वाले युवाओं के लिए बेरोजगारी दर 15 फीसदी है। डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स के बेरोजगारों की दर 11.4 प्रतिशत है।
अब तक बाहरी लोगों के लिए खोली आप सरकार ने भर्तियां : बादल
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल का इस मुद्दे पर कहना है कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब में बाहरी लोगों के लिए भर्तियां खोल रही हैं, जबकि प्रदेश के युवा अब भी बेरोजगार हैं। प्रदेश में बाहरी लोगों की भर्ती का मार्ग प्रशस्त करने के लिए पंजाबियों के साथ धोखा किया गया है, जिसका वह विरोध करते हैं। हाल ही में जितनी भी सरकारी भर्तियां हुई हैं, उनमें अधिकतर उम्मीदवार बाहर के थे।
पंजाब में बेरोजगारी बहुत गंभीर मुद्दा : खैरा
कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने कहा कि पंजाब में बेरोजगारी बहुत गंभीर मुद्दा है। पंजाब सरकार ने कुछ सरकारी नौकरियां जरूर दी हैं, लेकिन उससे बेरोजगारी खत्म होने वाली नहीं है। 20 से 25 लाख लोग प्रदेश में बेरोजगार है। यही कारण है कि युवा विदेशों का रुख कर रहे हैं। सरकारी नौकरी सभी को नहीं दी जा सकती हैं, इसलिए कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में संभावनाएं बढ़ाने की जरूरत है। इसके अलावा सेंट्रल एशिया की ओर एक लैंड रूट खोलने की जरूरत है।
रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार नहीं कर रही प्रयास: शर्मा
पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार कोई प्रयास नहीं कर रही है। प्रदेश में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है, जो अन्य समस्याओं के साथ भी जुड़ी हुई है। प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति ऐसी है कि कोई नया निवेश नहीं आ रहा है। मौजूदा कंपनियां दूसरे राज्यों में भाग रही हैं। ऐसे में प्रदेश में रोजगार के नए अवसर कैसे पैदा किए जा सकते हैं। वादे के बावजूद भी कच्चे कर्मियों को पक्का नहीं किया जा रहा है। कुल मिलकार सभी मोर्चों पर सरकार असफल साबित हो रही है।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं: मान
पंजाब में अब तक 43 हजार युवाओं को नौकरियां दी हैं। पिछले कुछ समय में लगातार अलग-अलग विभागों में अनेक पदों पर भर्तियां की गई हैं, ताकि युवाओं को प्रदेश में ही काम के अच्छे अवसर मिल सकें। इसके अलावा कच्चे व अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित किया जा रहा है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई अन्य योजनाएं भी लागू की गई हैं। - भगवंत मान, मुख्यमंत्री पंजाब।