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Chandigarh: बढ़ रहे अवैध वेंडर, हाल-बस क्यू शेल्टर में चल रहे ढाबे... निगम स्वच्छ सर्वेक्षण में व्यस्त
Fri, 25 Aug 2023 10:23 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 25 Aug 2023 10:23 AM IST
सार
नगर निगम की पिछली सदन की बैठक में वेंडर के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ था। अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह ने सबसे पहले तस्वीरें दिखाते हुए कई सवाल उठाए थे। इसके बाद लगभग सभी पार्षदों ने अवैध वेंडरों की वजह से हो रही परेशानी का मामला उठाया था।
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चंडीगढ़ में अवैध वेंडर्स की संख्या बढ़ी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ में अवैध वेंडर की समस्या बढ़ती जा रही है। नगर निगम के अधिकारी पिछले कुछ हफ्तों से स्वच्छ सर्वेक्षण में व्यस्त हैं। इसका फायदा उठाकर शहर में कई जगह नए वेंडर बैठ गए हैं। अमर उजाला ने शहर के मुख्य सेक्टरों का दौरा किया तो पाया कि नो वेंडिंग जोन सेक्टर-17 के प्लाजा में वेंडर ही वेंडर हैं। एक बस क्यू शेल्टर में ढाबा तो निगम की पार्किंग में दुकानें और रेस्टोरेंट चल रहा है। कई मार्केटों की गलियारों पर दुकानदारों का कब्जा हो चुका है।
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सेक्टर 17 के हाल
शहर के प्रमुख मार्केटों की हालत ज्यादा खराब है। नगर निगम ने खुद ही सेक्टर-17 को नो वेंडिंग जोन घोषित किया है, लेकिन अब रोजाना वहां शाम के समय कई वेंडर नजर आते हैं। ऐसा प्रतीत होता है जैसे कोई मार्केट लगी हो। नीलम थिएटर के पास बैग, जूतियां, महिलाओं के सजने का सामान, गोलगप्पे आदि की दुकानें सज रही हैं। सेक्टर-22 स्थित किरण सिनेमा के सामने मौजूद बस क्यू शेल्टर के अंदर लोग बैठकर खाना खाते हैं, क्योंकि बस क्यू शेल्टर के एक तरफ खाने की रेहड़ी और दूसरी तरफ अस्थायी ढाबा चल रहा है। उनके ग्राहक खाना लेकर बस क्यू शेल्टर के अंदर बैठकर खाते हैं। ग्राहकों को असुविधा न हो इसके लिए दुकानदारों की तरफ से बस क्यू शेल्टर के अंदर स्टूल की व्यवस्था भी की गई है।
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ऐसा पिछले कई महीनों से चल रहा है। वहीं इसी मार्केट में एक बूथ में चल रहे ढाबे की ओर से गलियारे पर कब्जा करने के साथ ही सामने निगम की पार्किंग में कई कुर्सियां लगाकर अस्थायी रेस्टोरेंट चलाया जा रहा है। ऐसा यहां रोजाना होता है। सेक्टर-19 की मार्केट की पार्किंग में गाड़ियां खड़ी करने की जगह नहीं मिलती क्योंकि वहां रोजाना दुकानें सजती हैं। हैरानी की बात है कि यह सब कुछ शहर के मुख्य मार्केटों में हो रहा है लेकिन नगर निगम के अधिकारी आंखें मूंद कर बैठे हुए हैं।
पार्षद उठाते हैं मुद्दा, अधिकारी दे देते हैं आश्वासन
नगर निगम की पिछली सदन की बैठक में वेंडर के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ था। अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह ने सबसे पहले तस्वीरें दिखाते हुए कई सवाल उठाए थे। इसके बाद लगभग सभी पार्षदों ने अवैध वेंडरों की वजह से हो रही परेशानी का मामला उठाया था। नगर निगम के अधिकारी की तरफ से जवाब दिया गया कि एनफोर्समेंट विंग के कर्मचारियों की ड्यूटी आठ बजे खत्म हो जाती है, जिसके बाद ये वेंडर आकर बैठ जाते हैं।
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इस पर पार्षदों की तरफ से काफी आपत्ति जताई गई थी। कहा गया था कि अगर आठ बजे ड्यूटी खत्म हो जाती है तो इसके बाद शहर में किसी को भी कुछ भी करने की छूट है। इसके साथ ही कहा कि अवैध वेंडर दिनभर रहते हैं। इस पर मेयर अनूप गुप्ता ने एनफोर्समेंट विंग के कर्मचारियों को अलग-अलग शिफ्ट में काम करने के निर्देश दिए थे ताकि अवैध वेंडिंग की समस्या पर लगाम लगाई जा सके। कई हफ्ते बीत जाने के बाद भी मेयर के आदेश का कुछ खास असर होता नहीं दिखाई दिया और अभी भी शहर में अवैध वेंडर की समस्या जस की तस है। मेयर ने कहा कि वह इस मामले की जांच कराएंगे।
एक नजर में निगम का इंफोर्समेंट विंग
विंग में 13 सब-इंस्पेक्टर, दो इंस्पेक्टर और एक सुपरिटेंडेंट हैं। ये सभी संयुक्त आयुक्त को रिपोर्ट करते हैं। प्रत्येक सब-इंस्पेक्टर के पास सामान जब्त करने के लिए एक ट्रक और पांच से छह लेबर होते हैं। जो सामान जब्त किए जाते हैं, उन्हें इंडस्ट्रियल एरिया के स्टोर में रखा जाता है।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्ढा ने कहा कि नगर निगम ने खुद सेक्टर-17 को नो वेंडिंग जोन घोषित किया है, इसलिए इस आदेश का पालन कराना चाहिए। यहां पर रोजाना हजारों की संख्या में लोग घूमने आते हैं। इस मुद्दे को उन्होंने टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में भी उठाया था लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला।