Haryana Monsoon Session: ट्यूबवेल कनेक्शन पर बिजली मंत्री से बोलीं नैना चौटाला-मैं आपकी बहू हूं, इतना तो कीजिए
विधानसभा में चंद्रयान-3 की सफलता पर प्रदेशवासियों को बधाई दी गई। सीएम मनोहर लाल ने ISRO को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि चंद्रयान-3 हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने हरियाणा के कई वैज्ञानिकों का भी जिक्र किया और पीएम नरेंद्र मोदी का अभिनंदन किया।
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हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बाढ़डा विधानसभा से विधायक नैना सिंह चौटाला ने पूछा कि साल 2018 से पहले सोलर ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन धारकों को बिजली के कनेक्शन जारी न करने के क्या कारण हैं। इस पर बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने जवाब दिया। रणजीत चौटाला नैना चौटाला के चाचा ससुर हैं। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि सरकार अब सोलर कृषि पंपों की ओर बढ़ रही है। नवीनीकरण ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने दस 10 वीएचपी तक के नए ट्यूबवेल कनेक्शन सोलर मोड पर जारी करने का निर्णय लिया है।
नैना बोलीं- मैं आपकी बहू हूं, ये तो करना ही होगा
नैना चौटाला ने कहा कि आप पिता तुल्य हैं। हमारे चाचा जी हैं। किसानों को बिजली कनेक्शन दिए जाएं। मैं तो आपकी बहू हूं। ये तो करना ही होगा। इस पर विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता और अन्य विधायक भी ठहाके लगाने। कांग्रेस के विधायकों ने तंज कसते हुए कहा कि यह तो परिवारवाद चल रहा है। घर के काम निपटाए जा रहे हैं।
बिजली मंत्री बोले- पेपर भिजवा दें, विचार करुंगा
रणजीत चौटाला ने कहा कि ये अगर सेंटीमेंट और फिलिंग्स की बात होती तो हम घर पर ही काम निपटा लेते। उन्होंने विभाग के पास आए आवेदनों की जानकारी देते हुए बताया कि एक साल में उनके पास 61 हजार 158 आवेदन आए हैं। उनमें से सोलर ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए 33 हजार 810 आवेदन और 27 हजार बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन की मांग को लेकर आए।
पिछली डिमांड पूरी करने में एक साल लगेगा। बिजली मंत्री रणजीत चौटाला की बात सुनकर विधायक नैना चौटाला ने कहा कि 2018 तक जितने भी आवेदन आए है, आप उनको कर दीजिए। इस पर चौटाला ने कहा कि अपने पेपर भिजवा दें, पैरामीटर के हिसाब से जो चीजें सही बैठती हैं, उस पर विचार किया जाएगा।
अल्पकालिक चर्चा को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में बदलने पर डिप्टी सीएम ने जताई आपत्ति
सदन में शून्यकाल के बाद बाढ़ से हुए नुकसान पर दिए गए अल्पावधि प्रस्ताव को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में बदलने पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने नाराजगी जताई। उन्होंने डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा से आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि सदन के संविधान में यह कहीं नहीं लिखा है कि संबंधित मंत्रियों व सदस्यों से पूछे बिना अल्पकालिक चर्चा को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में बदल दिया जाए।
दरअसल, कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी समेत तीन सदस्यों ने बाढ़ से हुए नुकसान पर अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव दिया था। बाद में डिप्टी स्पीकर ने कहा कि इसे ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में बदल दिया गया। चौटाला के आपत्ति जताए जाने पर उन्होंने कहा कि यह पहले भी होता रहा है। इसी आधार पर अल्पकालिक चर्चा को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में लाया गया है। इस पर चौटाला ने जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस ने जो गलती की है, हम उसे क्यों दोहराए। इसे बदलने से पहले न तो संबंधित मंत्री से पूछा गया और न ही संबंधित सदस्य से।
उन्होंने डिप्टी स्पीकर से यह भी कहा कि वह अधिकारियों से इस संबंध में पूछ लें कि यह सब किन नियमों के तहत किया जा रहा है। इस पर चौटाला और डिप्टी स्पीकर ने नियम पढ़े। चौटाला ने कहा कि नियमों के मुताबिक दोनों पक्ष की सहमति होने की स्थिति पर ही यह फैसला लिया जा सकता है, लेकिन इसे बदलने से पहले दोनों से कोई सहमति नहीं ली गई।
बिना नियम कोई नई परंपरा न बनाएं: दुष्यंत
डिप्टी सीएम ने यह भी आपत्ति जताई कि यदि हम ऐसे परंपरा बनाते रहे तो नई जेनरेशन को क्या जवाब देंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में सिर्फ पांच लोग सवाल पूछ सकते हैं लेकिन सवाल पूछने वालों की लिस्ट काफी लंबी है। इसमें भी नियमों का पालन नहीं किया गया है। इसके बाद रणबीर गंगवा ने डिप्टी सीएम से कहा कि आज आपने इस मुद्दे पर सवाल उठाया है, भविष्य में इसका ध्यान रखेंगे। इस पर चौटाला ने कहा कि आप अपने अधिकारियों को नोटिस देकर उन्हें बता दें कि बिना किसी के नियम तहत कोई नई परंपरा न बनाएं।