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Chandigarh News: नई कार में वारंटी पीरियड के दौरान आई समस्या का नहीं हुआ निदान, देना होगा एक लाख का हर्जाना
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चंडीगढ़। नई कार की एजेंसी से सर्विस कराने के बावजूद दो साल बाद ही वारंटी पीरियड में इंजन में आ रहे तेज आवाज और इंजन ऑयल लाइट के आने-जाने की समस्या का निदान न होने पर उपभोक्ता आयोग ने टोयोटा किर्लोस्कर मोटर पर हर्जाना लगाया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ग्राहक को हुई मानसिक प्रताड़ना के लिए एक लाख रुपये की रकम बतौर मुआवजा और आठ हजार रुपये केस खर्च के तौर पर अदा करने के आदेश दिए हैं।
मामले में टोयोटा कंपनी की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि शिकायतकर्ता द्वारा खरीदा गया वाहन बाजार में एक अच्छी तरह से स्थापित उत्पाद है। शिकायतकर्ता ने वाहन की स्थिति और उसके प्रदर्शन से संतुष्ट होने के बाद वाहन की डिलीवरी ली थी। वाहन की डिलीवरी से पहले कार का निरीक्षण कराया गया था। एजेंसी की आरे से यह तर्क दिया गया कि वह एक सेवा प्रदाता है और विनिर्माण दोष के मामले में उनके खिलाफ कोई दायित्व तय नहीं किया जा सकता है। शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों को नकारते हुए शिकायत को खारिज करने की प्रार्थना की गई है। मामले में सामने आए तथ्यों को जांचने और दलीलों को सूनने के बाद आयोग ने कंपनी पर हर्जाना लगाया।
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मामले में टोयोटा कंपनी की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि शिकायतकर्ता द्वारा खरीदा गया वाहन बाजार में एक अच्छी तरह से स्थापित उत्पाद है। शिकायतकर्ता ने वाहन की स्थिति और उसके प्रदर्शन से संतुष्ट होने के बाद वाहन की डिलीवरी ली थी। वाहन की डिलीवरी से पहले कार का निरीक्षण कराया गया था। एजेंसी की आरे से यह तर्क दिया गया कि वह एक सेवा प्रदाता है और विनिर्माण दोष के मामले में उनके खिलाफ कोई दायित्व तय नहीं किया जा सकता है। शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों को नकारते हुए शिकायत को खारिज करने की प्रार्थना की गई है। मामले में सामने आए तथ्यों को जांचने और दलीलों को सूनने के बाद आयोग ने कंपनी पर हर्जाना लगाया।
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