फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Pro. SK Tomar and Meena Sharma became DSW

प्रो. एसके तोमर व मीना शर्मा बने डीएसडब्ल्यू

Tue, 01 Jun 2021 02:33 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 01 Jun 2021 02:33 AM IST
विज्ञापन
Pro. SK Tomar and Meena Sharma became DSW
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. राजकुमार ने डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। वह 31 मई 2022 तक कार्य करेंगे। महिला डीएसडब्ल्यू के पद पर प्रो. मीना शर्मा को तैनात किया गया है। वह भी एक साल तक इस पद पर कार्य करेंगी। एडीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार को बनाया गया है।
विज्ञापन

डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर का एक साल का कार्य संतोषजनक रहा। बताया जाता है कि उन्होंने अधिकांश निर्णय खुद लिए। किसी के दबाव में आकर कार्य नहीं किए। यहां तक कि भाजपा व संघ के भी कुछ लोगों के कार्यों को उन्होंने नहीं किया। वह नियमों के अनुसार कार्य करने की बात करते हैं। वह खुद पीयू के वीसी पद की दौड़ में थे। इसके अलावा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वीसी पद के लिए भी वह शॉर्टलिस्ट हुए थे। ऐसे में पीयू के उच्चाधिकारी उनके नाम को काटना नहीं चाहते थे, इसलिए ही उनका कार्यकाल बढ़ाया गया।
विज्ञापन

सूत्रों का कहना है कि पिछले साल सिंडिकेट ने डीएसडब्ल्यू उसी को बनाने के लिए कहा था, जो शिक्षक वार्डन रहा हो। भाजपा खेमे के पास प्रो. तोमर का ही नाम सामने था। बताया जाता है कि भाजपा खेमे के पास इस साल नया डीएसडब्ल्यू बनाने के लिए विकल्प नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रो. मीना शर्मा का शिक्षण क्षेत्र में 30 साल का अनुभव
यूबीएस विभाग में कार्यरत प्रो. मीना शर्मा को शिक्षण का 30 साल से अधिक का अनुभव है। वह शिक्षण व शोध से लंबे समय से जुड़ी हैं। विभिन्न राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में उनके शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं। 35 से अधिक सम्मेलनों में वह हिस्सा ले चुकी हैं। वर्तमान में सेंट्रल प्लेसमेंट सेल की मानद निदेशक भी हैं। वहीं दूसरी ओर एक खेमे ने सवाल उठाए हैं कि महिला डीएसडब्ल्यू भी उसी को लगाया जाना चाहिए था, जो वार्डन रही हों। प्रो. मीना शर्मा का इस पद पर अनुभव नहीं रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के साथ संवाद में दिक्कतें होंगी। उन्होंने कहा है कि यह पद देने में नियमों की अनदेखी की गई है।

आखिरकार एडीएसडब्ल्यू बदले गए
एडीएसडब्ल्यू के पद पर तैनात रहे प्रो. रंजन विदेश में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। दो साल से वह इस पद पर थे। उनका कार्यभार भी किसी अन्य को नहीं दिया गया। इसी को लेकर अमर उजाला ने मुद्दा बनाया। यह बताने की कोशिश की कि इस पद के बिना कितने कार्य प्रभावित होंगे। इसी को देखते हुए प्रो. अशोक कुमार को पीयू ने एडीएसडब्ल्यू बनाया। कुछ लोगों का कहना है कि प्रो. अशोक का नाम इस पद के लिए पिछले साल भी आया था, लेकिन सिंडिकेट ने मंजूरी नहीं दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed