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Chandigarh News: एक महीने के अंदर पार्किंग स्थल से अतिक्रमण हटाएं प्राइवेट स्कूल्स

Wed, 29 Apr 2026 01:35 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2026 01:35 AM IST
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Private schools should remove encroachment from parking lots within a month.
चंडीगढ़। शहर के जिन भी प्राइवेट स्कूलों ने पार्किंग की जगह पर गलत तरीके से क्लासरूम, प्लेग्राउंड या अन्य कोई कोर्ट तैयार कर लिया है उन्हें एक महीने के अंदर यह अतिक्रमण हटाने के लिए स्कूल प्रबंधनों को कहा गया है। डीसी कम एस्टेट ऑफिसर निशांत कुमार यादव ने शहर के प्राइवेट स्कूलों को इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी किए।
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दरअसल शहर के कई प्राइवेट स्कूलाें के बाहर सुबह व दोपहर के समय स्कूल टाइमिंग में ट्रैफिक की समस्या रहती है। आम जनता के आने-जाने के लिए रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं। जिससे वाहनचालकों और राहगीरों को परेशानी होती है।
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इन प्राइवेट स्कूलों को जब प्रशासन की ओर से जमीन आवंटित की गई थी और स्कूल प्रबंधनों ने जो नक्शा जमा कराया है, उसमें पार्किंग की जगह दिखाई है। कई स्कूलों ने रिवाइजड बिल्डिंग प्लान में इन पार्किंग स्पेस की जगह अवैध निर्माण कर लिया। इस कारण स्कूल बस और बच्चों को छोड़ने आने वाले अभिभावक मुख्य सड़क पर ही पिक एंड ड्रॉप करते हैं, जिससे लोगों को दिक्कताें का सामना करना पड़ता है।
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डीसी निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में सभी निजी शैक्षणिक संस्थानों में सेफ ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी फॉर स्टूडेंट्स ( स्ट्रैपस) के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान यह सामने आया कि कई स्कूलों ने बिना स्वीकृति लिए अपने भवनों के लेआउट में बदलाव कर दिए हैं। विशेष रूप से संशोधित बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के बिना ही पार्किंग के लिए निर्धारित स्थानों को कक्षाओं, खेल मैदानों, कोर्ट या अन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस कारण स्कूल परिसरों के भीतर पार्किंग की कमी हो गई है। इससे छात्रों को असुरक्षित तरीके से वाहनों से उतरना-चढ़ना पड़ता है। अभिभावकों को भी मजबूरी में सार्वजनिक सड़कों पर ही बच्चों को छोड़ना और लेना पड़ रहा है, जिससे जाम की स्थिति बन रही है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्ट्रैपस नीति के नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
डीसी ने स्कूल शिक्षा निदेशक को भी निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्कूलों में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है, वहां छात्रों की बोर्डिंग और डीबोर्डिंग केवल स्कूल परिसर के भीतर ही होनी चाहिए। नीति के तहत जिन स्कूलों में अंदर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है, वहां छात्रों की पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ स्कूल परिसर के भीतर ही सुनिश्चित करनी होगी। जहां यह संभव नहीं है, वहां स्कूलों को बाहर उचित रूप से चिन्हित स्थान निर्धारित करना होगा। इसके अलावा स्कूलों को अपने स्तर पर स्टाफ तैनात कर ट्रैफिक को नियंत्रित करना होगा, ताकि खुलने और बंद होने के समय एकतरफा यातायात सुनिश्चित किया जा सके और छात्रों को सड़क पार करने की जरूरत न पड़े।


15 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस सीटों का स्कूलों को देना होगा ब्योरा
शैक्षणिक संस्थानों की लीज शर्तों के अनुसार 15 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्रों के लिए निःशुल्क आरक्षित होनी चाहिए। एस्टेट ऑफिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी लीजधारी स्कूलों में इस प्रावधान के अनुपालन की जांच करें और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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