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लुधियाना दुष्कर्मः स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बनाया समझौते का दबाव, पीड़िता ने किया इनकार
Tue, 26 Feb 2019 11:35 AM IST
खुशबू गोयल
कंवरपाल, अमर उजाला, हलवारा (लुधियाना)
कंवरपाल, अमर उजाला, हलवारा (लुधियाना)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 26 Feb 2019 11:35 AM IST
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बहुचर्चित लुधियाना सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को न्याय देने की बजाय सेहत विभाग के अधिकारी उस पर समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। सोमवार को पीड़िता और उसके दोस्त को तीन सदस्य जांच बोर्ड ने बुलाया] जहां मेडिकल टीम को बुलाकर आमने-सामने किया गया। सेहत विभाग अधिकारियों ने एक तरफ होकर पीड़िता पर दबाव बनाने की कोशिश की, तो पीड़िता और उसका दोस्त बाहर आ गए। उन्होंने इस मामले की पूरी जानकारी सिविल सर्जन डॉ. परविंदर पाल सिद्धू को दी। पीड़िता ने एक बात स्पष्ट कर दी कि वह कोई समझौता नहीं करेगी, उसे सिर्फ इंसाफ चाहिए।
सिविल सर्जन डॉ. परविंदर पाल सिद्धू ने कहा कि जांच किसी अन्य जिले में ट्रांसफर कर देते हैं। इस पर पीड़िता ने सिविल सर्जन को साफ कहा कि क्यों जांच के नाम पर उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। वह तो पहले इस मामले से दुखी है। अब दूसरे जिले में जांच ट्रांसफर करने से उसे वहां जाकर धक्के खाने पड़ेंगे। उसे इंसाफ चाहिए तो यहीं से चाहिए। अन्यथा वह कोई सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होगी। पीड़िता ने दोबारा लिखित बयान देकर सिविल सर्जन को इंसाफ देने की मांग की है।
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सिविल सर्जन डॉ. परविंदर पाल सिद्धू ने कहा कि जांच किसी अन्य जिले में ट्रांसफर कर देते हैं। इस पर पीड़िता ने सिविल सर्जन को साफ कहा कि क्यों जांच के नाम पर उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। वह तो पहले इस मामले से दुखी है। अब दूसरे जिले में जांच ट्रांसफर करने से उसे वहां जाकर धक्के खाने पड़ेंगे। उसे इंसाफ चाहिए तो यहीं से चाहिए। अन्यथा वह कोई सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होगी। पीड़िता ने दोबारा लिखित बयान देकर सिविल सर्जन को इंसाफ देने की मांग की है।
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मेडिकल के समय किया था अभद्र व्यवहार
नौ फरवरी की रात को इस्सेवाल में युवती से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। 10 फरवरी की रात को पीड़िता पुलिस के साथ सुधार स्थित सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाने पहुंची। महिला डॉक्टर नहीं होने के कारण सेहत विभाग अधिकारियों ने 11 फरवरी की सुबह आने के लिए कहा। 11 फरवरी को सुबह 9 बजे पीड़िता सिविल अस्पताल पहुंच गई, लेकिन मेडिकल करने वाली टीम दो बजे के बाद पहुंची।
मेडिकल टीम की डॉक्टर ने पहले पीड़िता को कहा कि तू रात नू उत्थे की करण गई सी, इदा ही हुणदा है कुड़िया नाल। पीड़िता के अनुसार, मेडिकल के समय गोपनीयता को भंग किया गया। वहां पर दो पुरुष भी मौजूद थे। पीड़िता ने इस मामले में सिविल सर्जन को लिखित शिकायत दी थी। जिसके बाद तीन सदस्य जांच बोर्ड का गठन किया गया।
सेहत विभाग द्वारा गठित जांच टीम पीड़िता के पक्ष को अनदेखा नहीं कर रही है। मामले की सही तरीके से जांच हो रही है। इसमें कुछ लोगों के बयान दर्ज हो चुके है और कुछ के अभी बाकी है। एक हफ्ते में यह जांच रिपोर्ट मेरे पास पहुंच जाएगी। इसे आगे कार्रवाई के लिए सेहत विभाग सचिव के पास भेजा जाएगा।
- डॉ. पलविंदर पाल सिद्धू, सिविल सर्जन लुधियाना
मेडिकल टीम की डॉक्टर ने पहले पीड़िता को कहा कि तू रात नू उत्थे की करण गई सी, इदा ही हुणदा है कुड़िया नाल। पीड़िता के अनुसार, मेडिकल के समय गोपनीयता को भंग किया गया। वहां पर दो पुरुष भी मौजूद थे। पीड़िता ने इस मामले में सिविल सर्जन को लिखित शिकायत दी थी। जिसके बाद तीन सदस्य जांच बोर्ड का गठन किया गया।
सेहत विभाग द्वारा गठित जांच टीम पीड़िता के पक्ष को अनदेखा नहीं कर रही है। मामले की सही तरीके से जांच हो रही है। इसमें कुछ लोगों के बयान दर्ज हो चुके है और कुछ के अभी बाकी है। एक हफ्ते में यह जांच रिपोर्ट मेरे पास पहुंच जाएगी। इसे आगे कार्रवाई के लिए सेहत विभाग सचिव के पास भेजा जाएगा।
- डॉ. पलविंदर पाल सिद्धू, सिविल सर्जन लुधियाना