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ISB मोहाली के स्थापना दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति, डाक टिकट किया जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sun, 20 Nov 2016 08:37 PM IST
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आईएसबी मोहाली में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आईएसबी मोहाली के 15वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। यहां उन्होंने एक डाक टिकट जारी किया। इस दौरान अपने संबोधन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भारत में उच्चशिक्षा में बदलाव पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारतीय उच्चशिक्षा प्रणाली को एक आधार पर बदलने के लिए अभूतपूर्व कल्पना, गुणवत्ता, संतुलन के साथ रिसर्च की आवश्यकता है।राष्ट्रपति ने वर्ल्ड रैंकिंग में भारतीय शिक्षण संस्थानों के काफी पीछे होने पर भी चिंता व्यक्त की। वहीं, उन्होंने आईएसबी को दूसरे शिक्षण संस्थानों के लिए एक रोल मॉडल बताया।
रविवार को आईएसबी के 15वें स्थापना दिवस पर बतौर मुख्यातिथि पहुंचे राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को दुनिया के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने और शिक्षाविदें को प्रासंगिक अनुसंधान करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ नए मानदंडों को स्थापित करने की आवश्यकता है।
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उन्होंने कहा कि भारतीय उच्चशिक्षा प्रणाली को एक आधार पर बदलने के लिए अभूतपूर्व कल्पना, गुणवत्ता, संतुलन के साथ रिसर्च की आवश्यकता है।राष्ट्रपति ने वर्ल्ड रैंकिंग में भारतीय शिक्षण संस्थानों के काफी पीछे होने पर भी चिंता व्यक्त की। वहीं, उन्होंने आईएसबी को दूसरे शिक्षण संस्थानों के लिए एक रोल मॉडल बताया।
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रविवार को आईएसबी के 15वें स्थापना दिवस पर बतौर मुख्यातिथि पहुंचे राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को दुनिया के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने और शिक्षाविदें को प्रासंगिक अनुसंधान करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ नए मानदंडों को स्थापित करने की आवश्यकता है।
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भारतीय शिक्षण केंद्रों की स्थिति संतोषजनक नहीं है
आईएसबी मोहाली में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
राष्ट्रपति ने कहा कि उन संस्थानों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है, जोकि ऐसा माहौल देने में विश्वास रखते हैं, जिसमें दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों पर शोध करके मानदंड स्थापित किए जा सकें। वहीं, राष्ट्रपति ने संतोष जताते हुए कहा कि भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है।
देश में इस समय 731 यूनिवर्सिटी और 36 हजार से अधिक कॉलेज, आईआईटी और अन्य शिक्षण संस्थान हैं। लेकिन वर्ल्ड रैंकिंग के लिहाज से अब तक भारतीय शिक्षण केंद्रों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। राष्ट्रपति आईएसबी के छात्रों से रविवार को दूसरी बार मुखातिब हुए थे।
इससे पहले अप्रैल में राष्ट्रपति भवन में आईएसबी के विद्यार्थियों और फैकल्टी से मिले थे। इस मौके पर प्रदेश के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने आईएसबी प्रबंधन, फैकल्टी और विद्यार्थियों को 15वें स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दी।
इस मौके पर राज्यपाल ने आईएसबी का विशेष आवरण के अलावा आईएसबी का डाक टिकट जारी किया। पहली डाक टिकट के अलावा आवरण की प्रथम प्रति राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भेंट की।
देश में इस समय 731 यूनिवर्सिटी और 36 हजार से अधिक कॉलेज, आईआईटी और अन्य शिक्षण संस्थान हैं। लेकिन वर्ल्ड रैंकिंग के लिहाज से अब तक भारतीय शिक्षण केंद्रों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। राष्ट्रपति आईएसबी के छात्रों से रविवार को दूसरी बार मुखातिब हुए थे।
इससे पहले अप्रैल में राष्ट्रपति भवन में आईएसबी के विद्यार्थियों और फैकल्टी से मिले थे। इस मौके पर प्रदेश के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने आईएसबी प्रबंधन, फैकल्टी और विद्यार्थियों को 15वें स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दी।
इस मौके पर राज्यपाल ने आईएसबी का विशेष आवरण के अलावा आईएसबी का डाक टिकट जारी किया। पहली डाक टिकट के अलावा आवरण की प्रथम प्रति राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भेंट की।
उपलब्धियों की डाक्यूमेंटरी
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
राष्ट्रपति के आगमन से पहले ऑडिटोरियम में आईएसबी के 15 वर्षों के इतिहास में हासिल की गई उपलब्धियों पर आधारित पुराने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई डॉक्यूमेंट्री चलाई गई।
इसमें दो दिसंबर 2001 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा हैदराबाद में आईएसबी के उद्घाटन से लेकर अब तक की सभी गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय दिया गया। उल्लेखनीय है कि 2006 में आईएसबी के पांच वर्ष पूरे होने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी आईएसबी के कार्यक्रम में शिरकत कर चुके हैं।
न सीएम पहुंचे और न डिप्टी सीएम
आईएसबी के कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने पहुंचे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अलावा अन्य अतिथियों की फेहरिस्त में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का नाम भी शामिल था। हैरत की बात यह है कि इस कार्यक्रम में न सीएम प्रकाश सिंह बादल पहुंचे और न ही डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल।
इसमें दो दिसंबर 2001 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा हैदराबाद में आईएसबी के उद्घाटन से लेकर अब तक की सभी गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय दिया गया। उल्लेखनीय है कि 2006 में आईएसबी के पांच वर्ष पूरे होने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी आईएसबी के कार्यक्रम में शिरकत कर चुके हैं।
न सीएम पहुंचे और न डिप्टी सीएम
आईएसबी के कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने पहुंचे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अलावा अन्य अतिथियों की फेहरिस्त में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का नाम भी शामिल था। हैरत की बात यह है कि इस कार्यक्रम में न सीएम प्रकाश सिंह बादल पहुंचे और न ही डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल।