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Chandigarh News: चंडीगढ़ में भी एसआईआर की तैयारी शुरू
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव विभाग ने मतदाता सूची को अपडेट और दुरुस्त करने के लिए प्री-मैपिंग का काम तेज कर दिया है। अब तक शहर के 1.95 लाख मतदाताओं की फील्ड वेरिफिकेशन पूरी कर ली गई है जबकि चंडीगढ़ में कुल 6.42 लाख पंजीकृत मतदाता हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि वर्ष 2002 में दर्ज 4.92 लाख मतदाताओं में से केवल 30.45 प्रतिशत ही वर्तमान पते पर मिले हैं।
प्री-मैपिंग में बदलती जनसांख्यिकी का असर साफ
चुनाव विभाग बूथ स्तर पर जाकर मतदाताओं के वास्तविक पते की पुष्टि कर रहा है। कई मतदाता वर्षों से एक ही पते पर दर्ज हैं लेकिन वे वास्तव में वहां रहते हैं या नहीं, इसकी फील्ड-लेवल जांच की जा रही है। प्री-मैपिंग में यह सामने आया है कि पिछले दो दशकों में चंडीगढ़ की जनसांख्यिकी तेजी से बदली है। कई पुराने परिवार शहर छोड़ चुके हैं। कई मकान किराए पर दिए गए हैं और किरायेदार कई बार बदले। कई घरों में अब पूरी तरह नए लोग रह रहे हैं। इस बदलाव का सीधा असर वोटर लिस्ट पर पड़ा है, जिसके कारण 2002 में पंजीकृत बड़ी संख्या में मतदाता वर्तमान में शहर में नहीं मिल रहे।
70 प्रतिशत वोटरों की मैपिंग अभी बाकी
चुनाव विभाग के अनुसार अभी करीब 70 प्रतिशत मतदाताओं की प्री-मैपिंग बाकी है। बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची और पुराने एआईआर रिकॉर्ड का मिलान कर रहे हैं। मतदाताओं के पते और उपस्थिति की सही जानकारी जुटाकर आगे एसआईआर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चुनाव विभाग का कहना है कि प्री-मैपिंग पूरी होते ही संशोधित मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।
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प्री-मैपिंग में बदलती जनसांख्यिकी का असर साफ
चुनाव विभाग बूथ स्तर पर जाकर मतदाताओं के वास्तविक पते की पुष्टि कर रहा है। कई मतदाता वर्षों से एक ही पते पर दर्ज हैं लेकिन वे वास्तव में वहां रहते हैं या नहीं, इसकी फील्ड-लेवल जांच की जा रही है। प्री-मैपिंग में यह सामने आया है कि पिछले दो दशकों में चंडीगढ़ की जनसांख्यिकी तेजी से बदली है। कई पुराने परिवार शहर छोड़ चुके हैं। कई मकान किराए पर दिए गए हैं और किरायेदार कई बार बदले। कई घरों में अब पूरी तरह नए लोग रह रहे हैं। इस बदलाव का सीधा असर वोटर लिस्ट पर पड़ा है, जिसके कारण 2002 में पंजीकृत बड़ी संख्या में मतदाता वर्तमान में शहर में नहीं मिल रहे।
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70 प्रतिशत वोटरों की मैपिंग अभी बाकी
चुनाव विभाग के अनुसार अभी करीब 70 प्रतिशत मतदाताओं की प्री-मैपिंग बाकी है। बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची और पुराने एआईआर रिकॉर्ड का मिलान कर रहे हैं। मतदाताओं के पते और उपस्थिति की सही जानकारी जुटाकर आगे एसआईआर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चुनाव विभाग का कहना है कि प्री-मैपिंग पूरी होते ही संशोधित मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।
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