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Chandigarh News: बिना आवाज के नमूने लिए माननीयों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी

Sat, 03 Aug 2024 06:17 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2024 06:17 AM IST
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Preparation to prepare document against maximum without voice
-सरकार ने हाईकोर्ट में दी जानकारी, एसीबी के बुलाने पर भी आवाज के नमूने देने नहीं आए माननीय
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-दो पूर्व विधायकों के मामले में अनट्रेस व कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल करने की तैयारी

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। सीएलयू के बदले रिश्वत के स्टिंग ऑपरेशन को आधार बनाकर लोकायुक्त के आदेश पर दर्ज मामलों में आरोपी माननीय एसीबी के बार-बार बुलाने के बावजूद आवाज के नमूने देने के लिए नहीं पहुंचे। ऐसे में अब बेबस सरकार ने बिना इन नमूनों के चार्जशीट दाखिल करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी हरियाणा सरकार की ओर से हलफनामा दाखिल करते हुए दी गई है। हाईकोर्ट द्वारा माननीयों पर लंबित आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे हेतु लिए गए संज्ञान मामले में सरकार ने अपना जवाब सौंपा। हलफनामे में बताया गया कि माननीयों के खिलाफ प्रदेश में 13 मामलों की जांच जारी है और इनमें से 7 केस की जांच विजिलेंस कर रही है। 16 मामले ट्रायल कोर्ट में विभिन्न स्तर पर विचाराधीन हैं। स्टिंग ऑपरेशन में सीएलयू के बदले रिश्वत मांगने के आरोपी पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव, जिन्हें राज्य सतर्कता ब्यूरो ने अपनी आवाज का नमूना देने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। स्टिंग ऑपरेशन में राम किशन फौजी (पूर्व विधायक बवानी खेड़ा और पूर्व सीपीएस), राव नरेंद्र सिंह (पूर्व स्वास्थ्य मंत्री), राम निवास घोड़ेला (पूर्व विधायक बरवाला), जरनैल सिंह (पूर्व विधायक रतिया), नरेश सेलवाल (पूर्व विधायक उकलाना) की रिकाॅर्ड की गई आवाज से उनकी आवाज का मिलान करने के लिए उनकी आवाज की फॉरेंसिक जांच जरूरी है। अब इनके खिलाफ बिना फॉरेंसिक रिपोर्ट चालान पेश करने की तैयारी की जा रही है। फर्जी वोट तैयार करने के मामले में पूर्व विधायक सुखबीर कटारिया को लेकर अनट्रेस रिपोर्ट तैयार की गई है तो वहीं पूर्व विधायक फूल सिंह पर इसी वर्ष जान से मारने की धमकी के आरोप में दर्ज एफआईआर में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।


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शिक्षकों और एचसीएस भर्ती में चौटाला की भूमिका नहीं

हाईकोर्ट में सौंपे अपने जवाब में सरकार ने बताया कि 2001 से लेकर 2004 तक हुई विभिन्न भर्तियों की जांच जारी है। 18 अक्टूबर 2005 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला की भूमिका की भी जांच की गई थी लेकिन उनकी इस मामले में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है। जांच के दायरे में कॉलेज कैडर लेक्चरर की भर्ती, सिरसा के चौधरी देवी लाल मेमोरियल इंजीनियरिंग कॉलेज में असिस्टेंट की भर्ती तथा एचसीएस भर्ती शामिल हैं।
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