फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Prem Singh Chandumajra about Punjab Issues in Parliament

चंदूमाजरा ने संसद में उठाए पंजाब के ये मुद्दे

Sat, 14 Jun 2014 11:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 14 Jun 2014 11:17 AM IST
विज्ञापन
Prem Singh Chandumajra about Punjab Issues in Parliament

लोकसभा क्षेत्र आनंदपुर साहिब से अकाली सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने संसद में अपने पहले भाषण के दौरान पंजाब के अहम मुद्दे उठाए।

विज्ञापन


राष्ट्रपति के भाषण पर शिअद की ओर से बोलते हुए चंदूमाजरा ने कहा कि मोदी सरकार को देश के अंदर बदलाव के लिए मिले फतवे के बाद केंद्र सरकार ने नीति एवं नीयत में इंकलाबी बदलाव किए हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि देश के अंदर सहकारी संघीय ढांचा लागू करना, विकास का नया मॉडल एवं सबका विकास-सब के साथ जैसे फैसले देश को नई दिशा एवं दशा देंगे।

पंजाब के अहम मसले उठाते हुए चंदूमाजरा ने जहां 1984 सिख विरोधी दंगों के दोषियों को सजाएं देने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों पर उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की मांग की, वहीं पंजाब को विशेष पैकेज देने और ऑपरेशन ब्लू स्टार की उच्च स्तरीय जांच की मांग भी उठाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

जरूरत के मुताबिक परियोजनाएं बनाएं मोदी

Prem Singh Chandumajra about Punjab Issues in Parliament

प्रो. चंदूमाजरा ने यूपीए सरकार पर दोष लगाते हुए कहा कि यह संविधान निर्माताओं की इच्छा के विपरीत जा कर देश को एकात्मक ढांचे की ओर ले गई।

विद्या एवं स्वास्थ सेवाओं में भी केंद्र ने दखल शुरू किया और धारा 356 का पंजाब जैसे राज्यों में नाजायज इस्तेमाल करते रहे। इससे राज्य कमजोर हुए एवं अराजकता फैली। प्रो. चंदूमाजरा ने कहा कि मोदी सरकार ने सही नब्ज पकड़ी है।

सहकारी संघीय ढांचा राज्यों को केंद्रीय स्कीमों में भागीदार बनाएगा एवं राज्यों की जरूरतों के अनुसार परियोजनाएं बनेंगी। चंदूमाजरा ने राज्यों को दिये जा रहे 32 प्रतिशत फंड बढ़ा कर 50 प्रतिशत करने की भी संसद में मांग उठाई है।

राज्यों के अधिकार क्षेत्र में केंद्र की दखल

Prem Singh Chandumajra about Punjab Issues in Parliament

राज्यों के अधिकार क्षेत्र में भी केंद्र सीधा दखल देने लगा। यहां तक कि गांवों के तालाब कैसे खोदने हैं, यह हिदायतें भी केंद्र देने लगा।

वित्तीय संकट के तंग राज्यों को विशेष दर्जा देने के नाम पर ब्लैकमेल किया गया और राजसी पहलकदमी के अनुसार राज्यों को फंड बांटे एवं शर्तों के तहत खर्च करने की हिदायतें दीं। शर्तें न मानने पर राज्यों के अपने बनते फंड भी रोक लिए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed