फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   pregnant lady delivery on hospital ramp

गर्भवती को भेजा जांच कराने तो फर्श पर ही जन्मा बच्चा

Sat, 21 Nov 2015 11:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बहादुरगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, बहादुरगढ़ Updated Sat, 21 Nov 2015 11:31 AM IST
विज्ञापन
pregnant lady delivery on hospital ramp

हरियाणा के बहादुरगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में एक महिला ने हॉस्पिटल के रैंप पर बच्चे को जन्म दे दिया। यह घटना उस समय घटी जब प्रसूति गृह से उसे जांच कराने के लिए नीचे भेजा गया। गर्भवती द्वारा बच्चे को फर्श पर ही जन्म देने से यहां हड़कंप मच गया।

विज्ञापन


गांव कानोन्दा के राम भट्ठा पर पथेर का कार्य करने वाले हमीदउला ने बताया कि उसकी पत्नी सलमा गर्भवती थी। उसकी डिलीवरी कराने के लिए वह एंबुलेंस से शुक्रवार की सुबह सिविल हॉस्पिटल लेकर आया था। बाद में यहां डॉक्टर व स्टाफ ने उसकी जांच की और उसे भर्ती कर लिया।
विज्ञापन


इसी बीच प्रसूतिगृह से यहां के स्टाफ ने उसकी जांच कराने के लिए कमरा नंबर 18 व 42 में जाकर जांच कराकर वापस आने के लिए कहा। जब अपनी पत्नी सलमा को जांच कराने के लिए ले जा रहा था तो उसे अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई। उसे एक कदम भी नहीं चला गया और वह रैंप पर ही लेट गई। इसी बीच उसने ग्राउंड फ्लोर के साथ लगते रैंप के पास ही बच्ची को जन्म दे दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यही नहीं जहां बच्ची जन्मी वहां काफी देर तक साफ-सफाई भी नहीं हो पाई। इस घटना से हमीदउला घबरा गया और तुरंत प्रसूतिगृह की ओर दौड़े। यहां के डाक्टर व स्टाफ को पूरी बात अवगत कराई। जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे।

आने-जाने वाले अन्य मरीजों को दूसरी जगह से जाने के लिए कहा और स्क्रीन लगाकर जच्चा-बच्चा को संभाला। फिलहाल जच्चा-बच्चा स्वस्थ है लेकिन रैंप पर ही जन्म देने की इस घटना से यहां की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठने लगा है।

अस्पताल की पहली मंजिल पर है प्रसूति गृह

pregnant lady delivery on hospital ramp

सिविल हास्पिटल में रोजाना काफी महिलाएं डिलीवरी के लिए आती हैं। प्रसूति गृह यहां की पहली मंजिल पर होने के कारण प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिलाओं को सीढ़ियां या रैंप चढ़ने में परेशानी होती है। जिससे बीच रास्ते में बच्चा जन्म देने का अंदेशा काफी बढ़ जाता है। पहले भी हॉस्पिटल के फर्श व मेन गेट पर दो-तीन घटनाएं हो चुकी हैं। गर्भवती महिलाओं के साथ आने वाले तिमारदारों का कहना है कि हॉस्पिटल प्रबंधन को ग्राउंड फ्लोर पर ही प्रसूतिगृह खोलना चाहिए।

लाज में कोई लापरवाही नहीं
प्रसूति गृह में तैनात महिला डॉक्टर का कहना था कि जिस महिला ने रैंप पर बच्ची को जन्मा है वह पहली बार यहां हास्पिटल आई थी। उसकी कोई जांच नहीं हो रही थी। उसे किसी ने भी जांच कराने के लिए लैब में नहीं भेजा बल्कि वे स्वयं बिना बताए चले गए। डिलीवरी होने की सूचना मिलते ही उन्हें पूरा ट्रीटमेंट दिया गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।

उनके संज्ञान में यह मामला नहीं आया है। यदि रैंप या फर्श पर बच्चा जन्मा है तो वे इसकी जांच कराएंगे कि प्रसूति गृह से किसने उन्हें लैब में जांच कराने के लिए भेजा था। यदि जांच में कोई दोषी मिलेगा तो कार्रवाई होगी। पहली मंजिल पर बने प्रसूतिगृह को ग्राउंड फ्लोर पर बनाए जाने पर भी विचार-विमर्श होगा।
- डॉ. एसआर सिवाच, सिविल सर्जन झज्जर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed