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हरियाणा को मिला नया डीजीपी: आईपीएस पीके अग्रवाल संभालेंगे कमान, लेंगे मनोज यादव की जगह

Mon, 16 Aug 2021 01:27 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 16 Aug 2021 01:27 AM IST
सार

पीके अग्रवाल मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं। 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और अभी तक वह डीजी स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के पद पर कार्यरत थे। 30 जून 2023 को सेवानिवृत्त होंगे। 2004 में पुलिस मेडल और 2015 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किए जा चुके हैं। 

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Prashanta Kumar Agarwal appointed as the new DGP of Haryana
हरियाणा के नए डीजीपी पीके अग्रवाल (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा को अपना नया पुलिस महानिदेशक मिल गया है। आईपीएस पीके अग्रवाल अब हरियाणा पुलिस के प्रमुख होंगे। वह मनोज यादव की जगह लेंगे। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने नए डीजीपी की नियुक्ति के लिए तीन नामों का पैनल हरियाणा सरकार को भेज था। पैनल तैयार करते समय वरिष्ठता को पैमाना बनाया गया था। पैनल में आईपीएस पीके अग्रवाल, रमेश चंद्र मिश्रा और मोहम्मद अकील के नाम शामिल थे। हरियाणा सरकार ने अब पीके अग्रवाल को प्रदेश का नया पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया है। इनका कार्यकाल दो वर्ष का होगा। 

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हरियाणा सरकार ने भेजा था पांच नामों का पैनल
हरियाणा सरकार ने संघ लोग सेवा आयोग को पांच आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल भेजा था। इसमें आईपीएस शत्रुजीत कपूर और देशराज का नाम भी शामिल था। लेकिन यूपीएससी ने दोनों को अंतिम तीन में शामिल नहीं किया था। पीके अग्रवाल को वरिष्ठता के आधार पर नियुक्त किया गया है।
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कौन हैं पीके अग्रवाल
पीके अग्रवाल मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं। 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और अभी तक वह डीजी स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के पद पर कार्यरत थे। 30 जून 2023 को सेवानिवृत्त होंगे। 2004 में पुलिस मेडल और 2015 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किए जा चुके हैं। 


विवादों से रहा मनोज यादव का नाता
हरियाणा के मौजूदा डीजीपी मनोज यादव का नाता शुरू से विवादों में रहा। गृह मंत्री अनिल विज के आदेशों पर अमल न करने के कारण वह सबसे पहले सुर्खियों में आए। सीआईडी अफसरों की रिपोर्टिंग गृह मंत्री को न करने के विवाद के साथ उनका नाम जुड़ा। किसान आंदोलन के दौरान स्थिति संभालने में नाकाम रहने के भी उन पर आरोप लगे। 

आईजी वाईपूर्ण कुमार के साथ उनका विवाद हाईकोर्ट तक पहुंचा। बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री की सुरक्षा चूक मामले में आरोपी अफसरों पर कार्रवाई न करने को लेकर वह विधानसभा अध्यक्ष के निशाने पर थे और मामला विशेषाधिकार हनन समिति के पास पहुंचा। विज उन्हें रिलीव करने के लिए गृह सचिव को पत्र तक लिख चुके थे। मनोज यादव ने 22 जून को सरकार को पत्र लिखकर उन्हें रिलीव करने को कहा था। उन्होंने वापस आईबी में जाने की इच्छा जताई है।

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