फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Prashant Kishor will now make strategy behind curtains for Punjab

अंदर की बात: पर्दे के पीछे रहकर रणनीति बनाएंगे 'संन्यासी' प्रशांत किशोर, पंजाब के लिए हो रही तैयारी

Tue, 04 May 2021 08:28 AM IST
निवेदिता वर्मा हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 04 May 2021 08:28 AM IST
सार

माना गया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों और प्रशांत के दावों में जो उलटफेर दिखाई दिया, उसी से परेशान होकर उन्होंने संन्यास का एलान किया है, लेकिन अंदरखाते यह बात सामने आ रही है कि प्रशांत का यह संन्यास पंजाब में कांग्रेस के लिए तैयार की जा रही रणनीति का हिस्सा है। 
 

विज्ञापन
Prashant Kishor will now make strategy behind curtains for Punjab
प्रशांत किशोर और कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के तुरंत बाद रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संन्यास के एलान ने सबको हैरानी में डाल दिया। माना गया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों और प्रशांत के दावों में जो उलटफेर दिखाई दिया, उसी से परेशान होकर उन्होंने संन्यास का एलान किया है, लेकिन अंदरखाते यह बात सामने आ रही है कि प्रशांत का यह संन्यास पंजाब में कांग्रेस के लिए तैयार की जा रही रणनीति का हिस्सा है। 

विज्ञापन


प्रशांत ने एक निजी चैनल के दिए इंटरव्यू के दौरान अपने संन्यास का एलान करते हुए कहा कि वे अब किसी भी पार्टी के लिए रणनीति नहीं बनाएंगे। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यह काम (रणनीति बनाने का) अब उनकी टीम संभालेगी। प्रशांत इस समय पंजाब में वर्ष 2022 के चुनाव के लिए कांग्रेस के रणनीतिकार के रूप में काम संभाल रहे हैं। सियासी गलियारों में उनके एलान का यह अर्थ निकाला गया है कि प्रशांत की टीम ही सारी रणनीति बनाएगी तब प्रशांत संन्यासी के रूप में पर्दे के पीछे अपनी टीम के मार्गदर्शक होंगे। 

विज्ञापन

झेल रहे थे विधायकों की नाराजगी

इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा अपना राजनीतिक सलाहकार नियुक्त किए जाने के बाद जैसे ही पीके ने काम शुरू किया, नए और पुराने सभी कांग्रेसी विधायक प्रशांत से नाराज हो गए। कई कांग्रेस विधायकों ने खुलकर प्रशांत की आलोचना भी की। बीच-बचाव के लिए खुद कैप्टन को आगे आना पड़ा और यह बयान जारी किया गया कि प्रशांत केवल सलाहकार हैं और उन्हें यह अधिकार नहीं कि वे किसी को टिकट दिला सकें।

पंजाब में यह हलचल कुछ ओर जोर पकड़ती, उससे पहले पश्चिम बंगाल की चुनाव गतिविधियों में तेजी आ गई और प्रशांत वहां ममता बनर्जी के लिए रणनीति बनाने में व्यस्त हो गए। वहां प्रशांत ने दावा किया कि भाजपा बंगाल में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सकेगी लेकिन चुनाव नतीजों में भाजपा 3 सीटों से 77 पर पहुंच गई और दीदी नंदीग्राम में अपनी सीट भी नहीं बचा सकीं। हालांकि उनकी पार्टी राज्य में फिर से सरकार बनाएगी, लेकिन प्रशांत के दावों ने रणनीतिकार के रूप में उनकी काफी किरकिरी करा दी। यह बात प्रशांत भी समझ गए हैं कि अब पंजाब लौटते हुए कांग्रेस विधायक उन्हें पश्चिम बंगाल में फेल होते-होते बची रणनीति को लेकर निशाने पर ले लेंगे। ऐसे में संन्यासी की तरह परदे के पीछे रहकर कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए रणनीति तैयार करना आसान होगा और वे बाकी कांग्रेसियों की नाराजगी से भी बचे रहेंगे। 

पंजाब में विधानसभा चुनाव को करीब एक साल ही बचा है और प्रशांत की टीम के हाथ में अब किसी अन्य चुनाव का काम भी नहीं है। उल्लेखनीय है कि  2017 में प्रशांत ने कैप्टन के लिए रणनीति तैयार की थी, जिससे पंजाब की सत्ता में कांग्रेस के लिए 10 साल से जारी सूखा खत्म हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed