यहां बहू-बेटियों से शर्मनाक सलूक: बादल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि हरियाणा मुल्क के ऐसे छह राज्यों में आता है, जहां लॉ एंड ऑर्डर बेहद खराब है। वर्तमान समय में हरियाणा में बहू-बेटियां से जो सलूक हो रहा है, उसे मंच से ब्यान करने में मुझे शर्म आती है। बादल सोमवार को डबवाली की अनाज मंडी में इनेलो प्रत्याशी नैना सिंह चौटाला के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित कर रहे थे।
बादल ने कहा कि सूबे दे लोकां दा सिद्दा रिश्ता, सूबे दी सरदार नाल हुंदा है। सीएम ओह होना चाहिदा है जो तुहाड़े नाल हमदर्दी रखदा होवे, जो तुहाड़े नाल जुड़ा होवे। जो तुहाडिय़ां तकलीफा जानदा होवे।
चौटाला परिवार हरियाणा दा या पंजाब दा ही नहीं पूरे देश दा इक अहम परिवार है। देवीलाल दी देश दी आजादी वास्ते कुर्बानी बेमिसाल है। देश आजाद होन तो बाद कांग्रेस सरकार दे जुल्मां दे खिलाफ लड़ाई लड़ी।
इंदिरा गांधी की सरकार थी जालिम
बादल ने इंदिरा गांधी की सरकार को जालिम सरकार करार देते हुये कहा कि इमरजेंसी दे समां देवीलाल तथा उस ने इक्ट्ठे जेल कट्टी। ते ओदों तक जेल विच रहे जद तक जालिम हकूमत ने इमरजेंसी नी तोड़ी।
बादल ने कहा कि इमरजेंसी के बाद हुये चुनाव में इंदिरा गांधी खुद हार गई। साथ में पूरे देश से कांग्रेस का सफाया हो गया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी जैसा जुल्म हरियाणा में सरकार ने चौटाला परिवार पर बरपाया। सरकार की ज्यादती तथा जुल्म का जवाब जनता वोट से देती है।
दसो चौटाला ने की गुनाह कित्ता
सीएम ने स्पष्ट लफ्जों में कहा कि बेरोजगार बच्चों को नौकरी ला के चौटाला ने कोई गुनाह नहीं कित्ता। सारियां सरकारां नूं नौकरी देनी चाहिदी है। मैनूं इसदी खुशी है।
बादल ने कहा कि कांग्रेस च सीएम ओहो बनदा है, जो खुशामत ज्यादा करदा है, किसे न किसे बहाने दिल्ली वालेयां नूं धन दींदा है। सोनिया तथा राहुल को खुश करना अपनी जरूरत समझता है।
3 मिनट में दिल की बात कह चल दीं नैना
पहली बार चुनाव लड़ रही देवीलाल परिवार की बहू नैना सिंह चौटाला ने सोमवार को पहली दफा रैली को संबोधित किया। महज तीन मिनट के अपने छोटे से भाषण में वह अपने दिल की बात कहने से नहीं चूकीं।
नैना चौटाला ने कहा कि मैं अपनी जिंदगी में पहली बार किसी रैली को संबोधित कर रही हूं। इतनी भीड़ देखकर मुझे घबराहट हो रही है। मैं आपसे कहना चाहती हूं कि पंद्रह अक्टूबर मतदान की तिथि है।
अपनी मर्जी से मतदान करना प्रत्येक मतदाता का मौलिक अधिकार है। लेकिन मैं कहना चाहती हूं कि आपका एक-एक वोट जेल का दरवाजा खोलेगा। उसी वोट की ताकत से पिता जी तथा अजय जी बाहर आएंगे। पिछले सत्रह माह से वे आपके दम पर ही जेल में यातना सह रहे हैं।