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बिजली निजीकरण : किसी भी नई कंपनी ने नहीं किया आवेदन, आज आखिरी दिन

Thu, 18 Mar 2021 02:10 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 18 Mar 2021 02:10 AM IST
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Power privatization: no new company has applied, today is the last day
चंडीगढ़। शहर के बिजली विभाग के निजीकरण की प्रक्रिया ने अब रफ्तार पकड़ ली है। विभाग को खरीदने के लिए किसी भी कंपनी की ओर से आवेदन करने के लिए वीरवार को आखिरी दिन है। छह कंपनियों ने पहले ही आवेदन किया है, लेकिन प्रशासन की ओर से दोबारा समय देने के बाद किसी नई कंपनी ने आवेदन नहीं किया। अगर वीरवार को कोई नई कंपनी नहीं आती है तो पहले की 6 कंपनियों में से ही एक के हाथों में बिजली विभाग को सौंप दिया जाएगा।
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बिजली विभाग के निजीकरण के लिए प्रशासन से सबसे पहले 9 नवंबर 2020 को टेंडर जारी किया था और 31 दिसंबर तक का समय दिया था। हालांकि, कुछ दिनों बाद इस पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चंडीगढ़ सुप्रीम कोर्ट चला गया और वहां से प्रशासन को राहत मिली तो 14 जनवरी को फिर से टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया गया और आवेदन के लिए 8 फरवरी 2021 तक का समय दिया गया। कुल 20 कंपनियों ने दस्तावेज खरीदे, जिनमें से 6 कंपनियां योग्य पाई गईं। इस बीच प्रशासन ने बोली शर्तों में बदलाव कर दिए और नए बोलीदाताओं को एक बार फिर मौका दिया। आवेदन करने की तिथि को 18 मार्च तक बढ़ा दिया। इसका उन छह कंपनियों ने विरोध किया, जिन्होंने पहले ही विभाग को खरीदने के लिए आवेदन किया हुआ था। चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि तिथि बढ़ाने के बाद भी बुधवार तक किसी नई कंपनी ने आवेदन नहीं किया है। वीरवार तक कोई नई कंपनी आवेदन नहीं करती है तो पुरानी 6 कंपनियों में से ही प्रशासन की ओर से एक कंपनी को चुना जाएगा।
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इन 6 कंपनियों में से एक को मिलेगा ठेका
बिजली विभाग को खरीदने के लिए जिन कंपनियों ने बोली जमा कराई है, उनमें अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड, टाटा पावर, टोरेंट पावर, स्टेरेलाइट पावर, रिन्यू विंड एनर्जी और एनटीपीसी इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी लिमिटेड शामिल हैं। केंद्र सरकार की ओर से जिस भी कंपनी को नियुक्त किया जाएगा, उसके पास शहर में बिजली वितरण और रिटेल सप्लाई की जिम्मेदारी होगी। टेंडर प्रक्रिया के पूरा होने के बाद प्रशासन कंपनियों की बोली को केंद्र सरकार के पास भेजेगा, वहां से एक कंपनी को चुना जाएगा। जब से बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपे जाने के लिए कार्य शुरू हुआ है, विभाग के कर्मचारियों की ओर से इसका विरोध किया जा रहा है। पावरमैन यूनियन का कहना है कि बिजली विभाग मुनाफे में है और लोगों को सस्ते दामों में बिजली दे रहा है तो फिर क्यों इसे निजी कंपनियों को सौंपा जा रहा है।
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