PU Student Council: राजनीतिक दलों की भी परीक्षा लेगा छात्र परिषद चुनाव... दूर तक जाएगा यहां की जीत का संदेश
पंजाब यूनिवर्सिटी समेत सभी काॅलेजों में पांच सितंबर को छात्र परिषद के चुनाव होंगे। पीयू में 15854 मतदाता अपनी पसंद के प्रतिनिधि चुनेंगे। वहीं, शहर के 11 काॅलेजों के करीब 43000 मतदाता अपना-अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए वोट करेंगे।
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चंडीगढ़ पीयू परिसर छात्र परिषद चुनाव के पीछे राजनीतिक दलों की सत्ता का खेल चल रहा है। कहने के लिए छात्र विंग स्वयं से प्रचार कर रहे हैं लेकिन उनके हर कदम को नेता संचालित कर रहे हैं और अपनी पीआर टीम व अन्य संसाधनों से छात्र परिषद चुनाव पर हावी हैं।
इसमें मुख्य रूप से भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का प्रभाव दिख रहा है। पंजाब विश्वविद्यालय में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल समेत उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्र पढ़ रहे हैं। पीयू में संगठन की जीत उससे संबंधित राजनीतिक दल की युवाओं में पहुंच का प्रमाण बनती है। इसके चलते छात्र परिषद चुनाव में राजनीतिक दल जुटे हुए हैं।
सीवाईएसएस के प्रचार के लिए आप भेज रही प्रेस नोट
सीवाईएसएस के प्रचार के लिए आम आदमी पार्टी ने पीयू कैंपस में अलग से कैमरामैन की नियुक्ति की है जो पूरे अभियान की तस्वीरें ले रहा है। आप एमएलए मनजिंदर सिंह लालपुरा को चंडीगढ़ यूनिट का इंचार्ज बनाया है जो चुनावी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। सोमवार को यूआईईटी विभाग में चार-पांच लाख का कैमरा लिए आप पार्टी टीम से व्यक्ति फोटो खींचता दिखा। सीवाईएसएस के प्रेस नोट भी आप पार्टी द्वारा जारी किए जा रहे हैं।
सीवाईएसएस अध्यक्ष पद उम्मीदवार प्रिंस पंजाब सरकार के नाम पर अपनी उपलब्धियां गिना रहे हैं। हाल ही में प्रिंस के लिए इंटरव्यू में उसने अपने संगठन को पीयू प्रबंधन और पंजाब सरकार के बीच का पुल बताया। आप टीम सीवाईएसएस का प्रचार देख रही है इसका एक सबूत यह भी है कि सोशल मीडिया पर प्रिंस के बने पोस्टर पर उसे लॉ विभाग का छात्र लिखा है। यूआईएलएस से एलएलएम कर रहा है। बताया जा रहा है कि ऐसी गलती कोई बाहर का व्यक्ति ही कर सकता है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एनएसयूआई के प्रचार का रख रहे ध्यान
चुनाव पीयू परिसर छात्र परिषद के हैं लेकिन पैनल की घोषणा एनएसयूआई ने सेक्टर 35 स्थित कांग्रेस कार्यालय से की जहां प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की और अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे। हाल ही में सिकंदर बूरा द्वारा एनएसयूआई के चंडीगढ़ यूनिट अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का कारण भी यही रहा कि हाईकमान छात्र राजनीति पर अपना नियंत्रण कर रही है। सिकंदर बूरा ने उम्मीदवार की घोषणा को लेकर उसे दिल्ली का तुगलकी फरमान कहा था। दिल्ली से उम्मीदवार चयनित हो रहे हैं छात्रों के क्षेत्रीय काम की कोई तवज्जो नहीं दी जा रही। चुनावी माहौल पर नजरें गड़ाए प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की शुक्रवार को कैंपस में एनएसयूआई छात्रों के साथ नजर आए हालांकि पीयू प्रबंधन द्वारा नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है।
छात्रों के घर जाकर भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य जुटा रहे समर्थन
पार्टी हाईकमान की ओर से भाजपा युवा मोर्चा को निर्देश दिए गए हैं कि वह पीयू छात्र परिषद चुनाव में अपनी पूरी ताकत लगा दें। पार्टी द्वारा भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं को यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों के पता सहित सूची दी गई है और उनके घर जाकर उन्हें एबीवीपी को वोट देने के लिए मनाने के लिए कहा जा रहा है। भाजपा युवा मोर्चा द्वारा सोशल मीडिया पर छात्रों के घरों में जाकर प्रचार के लिए फोटो भी साझा की गई है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद सोशल मीडिया पर एबीवीपी का लगातार प्रचार कर रहे हैं। इस बार छात्र परिषद चुनाव में एबीवीपी को जिताने के लिए भाजपा पूरा जोर लगा रही है।
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