पंजाब में बिजली संकट: किसानों ने ग्रिड घेर एसडीओ को किया बंद, पावरकॉम मुख्यालय पर कर्मचारियों का प्रदर्शन
पंजाब में बिजली संकट गहराने लगा है। उधर, बिजली आपूर्ति न मिलने से नाराज किसानों ने नाभा के गांव में ग्रिड पर प्रदर्शन किया। जालंधर में बिजली के वीकली ऑफ की वजह से मजदूरों को फैक्ट्रियों से वापस लौटना पड़ा।
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नाभा के गांव हियाना में बुधवार रात बिजली सप्लाई पूरी न मिलने से भड़के किसानों ने बिजली ग्रिड घेरकर एसडीओ को अंदर बंद कर दिया और बाहर धरना लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करवाकर एसडीओ को बाहर निकलवाया। किसान गुरप्रीत सिंह और बलजिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने धान सीजन के दौरान किसानों को दिन में आठ घंटे निर्विघ्न सप्लाई का वादा किया था लेकिन मुश्किल से दिन में तीन घंटे बिजली मिल रही है। ऐसे में किसानों को महंगा डीजल फूंक कर फसलों को पानी देना पड़ रहा है। इस मौके पर किसानों ने पंजाब सरकार और पावरकॉम से दिन में आठ घंटे बिजली सप्लाई देने की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। उधर, एसडीओ धर्मपाल सिंह ने कहा कि बिजली सप्लाई में कमी के चलते दिक्कत आ रही है लेकिन जल्द ही इसे दूर कर लिया जाएगा।
पटियाला: पावरकॉम मुख्यालय के तीनों गेट घेरे, नारेबाजी
मांगों को लेकर बिजली मुलाजिमों ने गुरुवार को सुबह नौ बजे ही बड़ी संख्या में इकट्ठे होकर पावरकॉम मुख्यालय के तीनों गेटों का घेराव कर धरना दिया। बाद में मोती महल की तरफ रोष मार्च निकाल कर एसडीएम कर्मजीत सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने मांगों को लेकर एक-दो दिनों में सरकार के साथ पैनल मीटिंग करवाने का भरोसा दिया।
पीएसईबी इंप्लाइज ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर विभिन्न बिजली मुलाजिम संगठनों ने धरने में शिरकत की। इस मौके पर पुनर्गठन की आड़ में बिजली मुलाजिमों के सैकड़ों पदों को खत्म करने का विरोध करने के साथ-साथ बिजली खरीद समझौतों को गलत करार देते हुए इन्हें रद्द करने की मांग की। उधर, मुख्यालय के तीनों गेटों का घेराव करने पर दफ्तरी मुलाजिम अंदर प्रवेश करने के इंतजार में खड़े रहे।
इस मौके पर मुलाजिम नेताओं कर्मचंद भारद्वाज, कुलदीप सिंह खन्ना, हरपाल सिंह ने मांग की है कि मुलाजिमों के तनख्वाह स्केल व भत्तों में वृद्धि की। डीए की बकाया किश्तों का भुगतान करने, कच्चे कर्मी रेगुलर करने, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की मांग की।
आगे कहा कि पंजाब की कैप्टन सरकार जनता साथ घर-घर नौकरी देने का वादा करके सत्ता में आई थी। लेकिन इसके विपरीत पावरकॉम मैनेजमेंट व सरकार की ओर से पुनर्गठन के नाम पर मुलाजिमों के मंजूरशुदा पद खत्म कर दिए गए हैं। यह कर्मचारी हितों का हनन है, जिसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। मांग की है कि खाली पड़े पदों पर रेगुलर भर्ती नौजवानों को रोजगार दिया जाए।
जालंधर में मजदूरों को लौटाना पड़ा
जालंधर में इंडस्ट्री संचालकों को बिजली की वीकली ऑफ की जानकारी गुरुवार सुबह नौ बजे के लगभग मिली। सुबह नौ बजे तक इंडस्ट्रीज में सैकड़ों की संख्या में मजदूर आ चुके थे और लोहे की ढलाई का काम करने वाली इकाइयों में फर्नेस में माल भी डाला जा चुका था।
वीकली ऑफ रखने के फरमान के साथ चेतावनी भी दी गई कि जो इंडस्ट्री आगामी 24 घंटे वीकली ऑफ नहीं करेगी और उत्पादन करती पाई जाएगी तो पावरकॉम का फ्लाइंग स्क्वायड संबंधित इंडस्ट्री का कनेक्शन काट देगा। इस संबंध में उद्योगपतियों का कहना है कि अगर बिजली का बिल एसएमएस और ईमेल से आ सकते हैं तो वीकली ऑफ की जानकारी भी समय रहते दी जा सकती थी। मीडिया के जरिये इंडस्ट्री को सूचित किया जा सकता था। एकदम से वीकली ऑफ करने से भारी नुकसान उठाना पड़ा है। दूर-दूर से आए मजदूरों को वापस भेजनी पड़ा।