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हरियाणा में हाहाकार: पिछले साल के मुकाबले 40 प्रतिशत बढ़ी बिजली की मांग, अडाणी और टाटा पर निर्भरता से बढ़ी दिक्कत

Sun, 01 May 2022 08:26 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 01 May 2022 08:26 AM IST
सार

बिजली मंत्री रणजीत चौटाला का कहना है कि अडाणी और टाटा कंपनियों के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। बैठकें सकारात्मक रही हैं। पूरी उम्मीद है कि आगामी कुछ दिनों में अदाणी से बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी।

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Power crisis in Haryana deepens
electricity - फोटो : amar ujala

विस्तार

हरियाणा भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट से जूझ रहा है। अडाणी और टाटा कंपनी से बिजली मिल नहीं रही। 1200 मेगावाट का खेदड़, हिसार पावर प्लांट भी कागजों में ही चल रहा है। इस कारण भीषण गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने पर पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही। मांग 9000 मेगावाट से अधिक है जबकि बिजली विभाग लगभग 7600 मेगावाट बिजली आपूर्ति कर पा रहा है। मांग और आपूर्ति में 1400 मेगावाट से अधिक का अंतर आने की वजह से बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। 

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भीषण गर्मी के कारण बीते साल के मुकाबले बिजली की मांग इस बार 40 प्रतिशत बढ़ गई है। हर क्षेत्र में लंबे कट लग रहे हैं। गांवों में चार घंटे का घोषित कट है लेकिन लोगों को छह से आठ घंटे बिना बिजली गुजारने पड़ रहे हैं। शहरों में साढ़े छह घंटे के बजाय आठ से नौ घंटे बिजली नहीं आ रही। 
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औद्योगिक क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। आठ घंटे के घोषित कट की जगह दस से बारह घंटे बिजली कटौती हो रही है। उद्योग जगत को अब तक हजारों करोड़ का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में बिजली की मांग व तापमान अप्रैल महीने में ही जून वाली है, बिना बिजली के सब सून है।  बिजली विभाग पर्याप्त आपूर्ति के लिए सिर्फ आश्वासनों तक ही सीमित है। सूत्रों के अनुसार अभी हालात और बिगड़ सकते हैं। अगले पांच-दस दिन में बड़ा संकट आ सकता है। बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। अपने थर्मल प्लांट पूरी क्षमता से न चलाकर अडाणी पर ही निर्भर होना बिजली विभाग को भारी पड़ा है।

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बिजली संकट के दो प्रमुख कारण

1. एक साल से अधिक समय से अडाणी 1421 और टाटा 500 मेगावाट बिजली आपूर्ति नहीं कर रहे हैं। सरकार मोलभाव कर रही है। अभी तक बिजली की नई दरें दोनों कंपनियों के साथ तय नहीं हो पाई हैं।  सरकार चाहती है कि अदाणी कंपनी स्थानीय कोयले से बनी बिजली 70 प्रतिशत और विदेशी कोयले से बनी 30 प्रतिशत बिजली हरियाणा को दे। अदाणी कंपनी इस बात पर अड़ी है कि वह 70 प्रतिशत बिजली, विदेशी कोयले से बनी हुई देगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 15 मई तक 1000 मेगावाट बिजली मिलने का दावा शुक्रवार को दिल्ली में किया है। बिजली कहां से मिलेगी, इसे लेकर उन्होंने पत्ते नहीं खोले हैं।


2. खेदड़ प्लांट में सिर्फ 1000 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ है। रोटर खराब होने से एक यूनिट लंबे समय से बंद है और दूसरी में नाममात्र का उत्पादन हो रहा है। 

बिजली की व्यवस्था कर रहे, दिल्ली का बोझ हरियाणा पर पड़ा : चौटाला

बिजली मंत्री रणजीत चौटाला का कहना है कि अडाणी और टाटा कंपनियों के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। बैठकें सकारात्मक रही हैं। पूरी उम्मीद है कि आगामी कुछ दिनों में अदाणी से बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। बिजली की व्यवस्था की जा रही है। मौजूदा समय में लोगों को निश्चित तौर पर बिजली कटों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन यह केवल सप्ताह की समस्या है। इसके बाद प्रदेश में बिजली समस्या से निजात मिल जाएगी। रात के समय लोड बढ़ने के कारण बिजली के कट लगाने पड़ते हैं। अब दिल्ली की आबादी भी फरीदाबाद, गुरुग्राम, बहादुरगढ़ व सोनीपत आदि क्षेत्र में आ रही है जिससे प्रदेश में बिजली की खपत बढ़ गई है।

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